बिहार चुनाव- बीजेपी के साथ लेकिन जदयू के खिलाफ चिराग, लोजपा की राहें हुई अलग

लोजपा बिहार विधानसभा चुनावों में नीतीश के दल जदयू के खिलाफ न सिर्फ उम्मीदवार उतारेगी बल्कि उनके खिलाफ वोट भी मांगेंगी। खास बात यह है कि बीजेपी जहां एक तरफ जदयू के साथ बनी रहेगी वहीँ दूसरी तरफ उसका केंद्र में लोजपा के साथ गठबंधन पहले की तरह जारी रहेगा।

बिहार चुनाव: प्रधानमंत्री मोदी ने चिराग पासवान को किया फ़ोन, बिहार की राजनीति में मची हलचल

आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत बीजेपी के कई बड़े नेताओं ने लोक जनशक्ति पार्टी के चीफ चिराग पासवान को फ़ोन कर उनके पिता रामविलास पासवान का हाल चाल जाना. कल अचानक तबियत बिगड़ने के बाद रामविलास पासवान की हार्ट सर्जरी करनी पड़ी थी.

बिहार चुनाव- पहले चरण के नामांकन में 5 दिन शेष, न सीट फाइनल न उम्मीदवार

मतलब अब सिर्फ 5 दिन नामांकन के लिए बाकी हैं लेकिन महागठबंधन और एनडीए दोनो जगह सस्पेंस नजर आ रहा है। अभी तक न दलों को सीटों का पता है न ही उम्मीदवारों का एलान हुआ है।

बिहार चुनाव- एनडीए में फूट? एलजेपी के 143 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान करेंगे चिराग!

इन सभी ख़बरो के बीच एक खबर जो सियाशी गलियारों में चर्चा में है वह यह है कि एलजेपी कभी भी एनडीए से अलग होने का एलान कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक एलजेपी की मांग पर एनडीए में सहमति नही बन सकी और जदयू बिल्कुल भी कोई ढील देने के मूड में नजर नही आ रही है।

बिहार के संसदीय क्षेत्र और विभिन्‍न राज्‍यों की विधान सभाओं में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनावों की अनुसूची

निर्वाचन आयोग ने नीचे दिए गए विवरणों के अनुसार बिहार के (1) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तथा विभिन्‍न राज्‍यों की विधानसभाओं में 56 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है:

Bihar Elections: चुनावी सरगर्मी के बीच बनने जा रहा है Third Front! जानिये किसे होगा फ़ायदा और किसे नुक्सान

मगर इन सबके बीच बिहार के चुनावी माहौल में थर्ड फ्रंट बनने की खबरें भी तैरने लगी है. दरअसल, महागठबंधन और NDA से नाराज़ चल रही कुछ पार्टिया थर्ड फ्रंट बनाने पर विचार कर रही है. जिसके लिए बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है.

सीट बंटवारे पर संग्राम, एनडीए से लोजपा तो महागठबंधन से कांग्रेस ने बिगाड़ा खेल, जानें

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के एलान के बाद तीन दिनों का वक़्त बीत चुका है। दल तैयारियों में लगे हैं, मुद्दे और संभावित उम्मीदवार, घोषणापत्र और वादों की लिस्ट तैयार होने लगी है हालांकि सीट बंटवारे की वजह से पेंच हर तरफ फंसता दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां महागठबंधन में मुश्किलें उपेंद्र कुशवाहा और कांग्रेस की वजह से बढ़ी हुई हैं वही एनडीए की तरफ से लोजपा ने मोर्चा खोल रखा है।

उपेंद्र कुशवाहा को झटका दे राजद में शामिल हुए रालोसपा प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी, जानें मायने

बिहार विधानसभा की रणभेरी तारीखों के एलान के साथ ही बज चुकी है। अब दल और नेता टिकट बंटवारे पर जहां ध्यान देने में लगे हैं वहीं दल बदलने का सिलसिला भी अनवरत जारी है। इसी क्रम में आज रालोसपा को एक और बड़ा झटका उस वक़्त लगा जब उपेंद्र कुशवाहा के खास माने जाने वाले और रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी आज राजद में शामिल हो गए। पहले से ही महागठबंधन और एनडीए से दूर दूर चल रहे उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह बड़ा झटका है।

Bihar Assembly Elections: बिखराव की ओर NDA, डिमांड नहीं मानी गई तो अकेले चुनाव लड़ेंगे चिराग पासवान

NDA में अभी सीटों का बटवारा नहीं हो पाया है मगर चिराग पासवान ने नितीश सरकार के सामने 42 सीटों की डिमांड रख दी है

बिहार में कांग्रेस को फायदा, मिलेंगी इतनी सीटें, उपेंद्र कुशवाहा पर सस्पेंस

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। पहले चरण के चुनाव में अब ठीक एक महीने का वक़्त बाकी है। हालांकि चुनावों के तारीखों के एलान के बावजूद अभी तक सत्ता पक्ष या विपक्ष किसी भी तरफ से सीट बंटवारे या उम्मीदवारों के एलान को लेकर कोई खबर नही है।

बिहार विधानसभा चुनाव- टिकट की आस में दलों को मिले हजारों बॉयोडाटा, बढ़ी परेशानी

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही टिकट की चाह रखने वाले नेताओं की पटना और दिल्ली दरबार की दौड़ शुरू हो चुकी है। हालांकि कोरोना काल मे लड़े जाने वाले इस चुनाव में हर दल के पास सीटों की संख्या जहां सीमित है वहीं एक अनार और सौ बीमार हैं।

उपेंद्र कुशवाहा के सामने अब अस्तित्व बचाने की लड़ाई, महागठबंधन में बेकद्री,एनडीए में नो एंट्री

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। हालांकि तारीखों के एलान के 24 घंटे बीतने के बावजूद भी अभी तक एनडीए और महागठबंधन में सीटों के बंटवारे और टिकट बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है।

बिहार विधानसभा चुनाव- पहले सात निश्चय योजना का पता नही, पार्ट-2 का हो गया एलान, फिर वादों के भरोसे चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तारीखों का ऐलान कल निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। बिहार में चुनाव तीन चरणों मे कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा। नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को होगा। राज्य में चुनावों के तारीखों के एलान के साथ ही जनता को लुभाने के लिए वादों और बातों का दौर शुरू हो गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव-आपके जिले और आपकी सीट पर कब होगा चुनाव, जानें

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा चुका है। कोरोना काल मे यह पहला चुनाव है। ऐसे में इसको लेकर गाइडलाइंस आयोग पहले ही जारी कर चुका है। तारीखों के एलान के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

बिहार विधानसभा चुनाव- नरम नही पड़ रहे चिराग के तेवर, क्या NDA टूटेगा?

आगामी बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर दलों और नेताओं के बीच तैयारियों, टिकट बंटवारे सहित मुद्दों के चयन को लेकर लगातार बैठकों, बयानबाजी और आकलन अनुमान का दौर है।

पटना में अब दिखा नीतीश विरोधी पोस्टर, पीएम के पुराने बयान को आधार बना लिखा- नीतीश के डीएनए में गड़बड़ है

बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर हर दल और नेता कैसे भी एक मनोवैज्ञानिक बढ़त ले लेना चाहता है। बात सोशल मीडिया की करें, ग्राउंड लेवल कैंपेन की करें या पारंपरिक चुनाव के प्रचार के तरीकों की हर दल में एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ लगी हुई है।

बिहार विधानसभा चुनाव- तेजस्वी बोले-अभी बिहार-बिहार करेंगे, चुनाव होते ही भूल जाएंगे

बिहार में चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक तपन तेजी से बढ़ रही है। एक तरफ जहां सरकार वादे, यादें, शिलान्यास और उद्घाटन से जनता को विकास और अपनी कामयाबी की बातें बताने में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष लगातार हमलावर है। खास कर कृषि संबंधित बिल ने जैसे विपक्ष को संजीवनी दे दी है और इसको लेकर सरकार को लगातार तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

चिराग की मार्मिक चिट्ठी हुई वायरल, कहा- पापा आईसीयू में हैं, फिलहाल बिहार आना संभव नही

बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर मची गहमागहमी ले बीच बिहार की राजनीति से इतर चिराग पासवान की एक चिट्ठी चर्चा का विषय बनी हुई है। यह चिट्ठी उन्होंने पार्टी नेताओं के नाम लिखी है। इस चिट्ठी में चिराग ने कहा है कि पिता रामविलास पासवान को सेहत ज्यादा खराब है और फिलहाल वह आईसीयू में हैं। ऐसे में दिल्ली के अस्पताल में पिता को अकेले छोड़ बिहार आना उनके लिए संभव नही है।

सुशील मोदी बोले- बिहार के लोगों को पलायन करने में आता है मजा, राजद ने कहा- शर्म करो

कोरोना काल मे शहरों से अपने गांव लौटते मजदूरों को देख किसे उनकी स्थिति पर तरस नही आया होगा। कौन इनकी बदकिस्मती पर न रोया होगा लेकिन एक सत्ता में बैठे लोग हैं जिन्हें न अपने बयानों के लिए खेद होता है और न ही अपने कुछ न करने का अफसोस। यही वजह है कि बड़ी ही आसानी से बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी यह कह गए कि बिहार के लोगों को पलायन करने में मजा आता है?