राजनीति

बीजेपी को छोड़िए शिवसेना की सोचिए…

यह शिवसेना उन्ही बालासाहेब की हिंदूवादी आधारभूत संरचना पर खड़ी थी जहां कट्टर हिंदूवाद की छवि थी, राष्ट्रवाद की छाप थी, पाकिस्तान का मुद्दा था

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भारत

क्या दीपावली, क्या छठ…बिहार बिन सब सूना…

कई दिनों से यह मन उद्गार व्यक्त करने को व्यथित था लेकिन क्या बताऊँ की यह त्योहारों का मौसम कैसा था? क्या लिखूं की कैसा बीता? कैसे बताऊं, कैसे समझाऊं की इस मौसम वाली धुंध पर मजबूरी की एक शिकन थी, नौकरी की मजबूरी थी, कोई एक त्योहार मना सकता था वह पहले ही दशहरा […]

व्यापार

ई-रिक्शा होगी भविष्य की सवारी!

रॉ मैटेरियल से लेकर कुशल कारीगरों का अभाव, इसके प्रयोग की सही विधि,चार्जिंग पॉइंट, महंगी बिजली,खराब सड़कें और बाहर से कल-पुर्जे का आयात इसको पलीता लगा रहे हैं।

भारत

मोटर वाहन अधिनियम नही,ट्रैफिक पुलिस मनमानी अधिनियम कहिए जनाब!

पहले एक कार्ययोजना पर काम करें,जागरूकता लाएं, इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने के दिशा में काम करें,उसके बाद आपके तय नियम और कानून का पालन न हो तो बेशक जुर्माना लगाएं,जेल में डाल दें।

विशेष

इसरो प्रमुख से ज्यादा कौन समझेगा चंद्रयान 2 का मोल

चंद्रयान 2 से संपर्क टूटा है हौसला नही। हम फिर प्रयास करेंगे, चांद पर तो पहुंच ही गए बस देख न सके। कोई बात नही एक छलांग और लगेगी, दुगनी ऊर्जा से लगेगी,वैज्ञानिकों के ज्ञान और विज्ञान पर पूरा भरोसा है। पूरा देश आपका,आपके प्रयासों का,आपकी अनवरत मेहनत और बिन सोए गुजारी रातों के लिए आपका शुक्रगुजार है।

राजनीति

कश्मीर को लेकर सुप्रीम फैसला,धारा 370 खत्म, दो भागों में बंटा कश्मीर

यह व्यवस्था ठीक वैसी ही होगी जैसे दिल्ली पर लागू होती है।आसान शब्दों में इसे समझें तो अब जम्मू कश्मीर की व्यवस्था अब बहुत हद तक दिल्ली की तरह होगी जहां अधिकतर शक्तियां केंद्र के प्रतिनिधि राज्यपाल या उप राज्यपाल के पास होंगी।

विशेष

तय मानिए संसद सत्र खत्म होते ही कश्मीर में यह होना है!

कश्मीर इन दिनों सुर्खियों में है। सेना की बढ़ती आवाजाही ने राज्य के माहौल को गर्म कर दिया है। विपक्ष,कश्मीरी नेताओं,मीडिया सहित पूरे देश के मन मे एक ही सवाल है कि कश्मीर में इतनी बड़ी संख्या में सेना की तैनाती क्यों? क्या 35A और 370 को लेकर केंद्र सरकार कोई बड़ा फैसला लेने जा […]

राजनीति

बंगाल में दिखा राजनीति का धर्म नहीं, बस धर्म की राजनीति

राजनीति में सबसे बड़ी बात होती है जिससे समाज और देश का भला हो सकता है वह है राज करने की नीति और उसके धर्म का पालन लेकिन आज के समय में न नीति है, न नियत है, न मुद्दे हैं. देश लोकतंत्र के त्योहार का उत्साह मना रहा है. बड़े छोटे दलों ने लगभग […]