ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने अपने छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू से सभी शाही उपाधियां और विंडसर स्थित आलीशान आवास ‘रॉयल लॉज’ का अधिकार छीन लिया है। यह फैसला एंड्रयू के जेफ्री एप्स्टीन सेक्स स्कैंडल से जुड़े विवादों के बाद लिया गया है।
65 वर्षीय एंड्रयू, जो दिवंगत रानी एलिज़ाबेथ द्वितीय के दूसरे बेटे हैं, हाल के वर्षों में अपने व्यवहार और एप्स्टीन से संबंधों के कारण लगातार आलोचनाओं में रहे हैं। कुछ हफ्ते पहले ही उनसे “ड्यूक ऑफ यॉर्क” की उपाधि भी वापस ली गई थी।
बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को जारी बयान में कहा कि एंड्रयू को अब “एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर” के रूप में जाना जाएगा। उन्हें विंडसर एस्टेट पर स्थित अपने आवास का पट्टा (lease) भी छोड़ना होगा और वे अब सैंड्रिंघम एस्टेट में निजी आवास में रहेंगे।
महल ने कहा, “इन निर्णयों के बावजूद एंड्रयू आरोपों से इनकार करते हैं, लेकिन यह कार्रवाई आवश्यक है। हमारे विचार और संवेदनाएं हमेशा पीड़ितों और यौन शोषण से बचे लोगों के साथ हैं।”
एंड्रयू पर अमेरिकी महिला वर्जीनिया ज्यूफ्रे ने नाबालिग अवस्था में यौन शोषण का आरोप लगाया था, जिसे उन्होंने नकारते हुए 2022 में समझौता कर लिया था। हाल ही में उनकी किताब में फिर यह मामला सुर्खियों में आया।
राजा चार्ल्स ने यह फैसला पूरे शाही परिवार, विशेषकर उत्तराधिकारी प्रिंस विलियम के समर्थन से लिया। ब्रिटिश मीडिया के मुताबिक, यह आधुनिक इतिहास में शाही परिवार के खिलाफ लिया गया सबसे सख्त कदम माना जा रहा है।
