बिहार के डीजीपी पद से जब गुप्तेश्वर पांडेय ने इस्तीफा दिया तो यही उम्मीद थी कि वह बिहार विधानसभा चुनावों में जदयू की तरफ से बक्सर की किसी विधानसभा सीट से प्रत्याशी हो सकते हैं। जब वह सीएम नीतीश कुमार के सामने जदयू की सदस्यता ग्रहण करने पहुंचे तब यह बात लगभग पक्की हो चली थी। हालांकि अब परिस्थिति बिल्कुल अलग है।
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बिहार और उत्तर प्रदेश में आयकर विभाग की तलाशी और जब्ती की कार्रवाई
आयकर विभाग ने खनन और होटल उद्योग से जुड़े एक व्यवसायी के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई करने योग्य मिली खुफिया जानकारी के आधार पर पटना, सासाराम और वाराणसी में 06 अक्टूबर 2020 को तलाशी और जब्ती की कार्रवाई की आयकर विभाग ने एक बड़े सहकारी बैंक के अध्यक्ष के मामले में भी जांच की। तलाशी के दौरान इस व्यक्ति से सम्बंधित एक कार में 75 लाख रुपये नकद मिले।
विशेष-मतदाताओं को बूथ तक लाना बनेगा बड़ी चुनौती, ग्रामीण तैयार, शहरों में डर, पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनावों के तारीखों के एलान के बाद अब पहले चरण के लिए नामांकन का दौर भी शुरू हो चुका है। थोड़ी देर और सस्पेंस के बाद ही सही सभी दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों का एलान किया और अब धीरे धीरे प्रत्याशियों के नामांकन का सिलसिला शुरू हो चुका है। इस चुनाव के मुद्दों की बात करें तो कोरोना और बाढ़ से ऊपर इस बार पलायन और बेरोजगारी का मुद्दा हावी है।
राबड़ी आवास के बाहर टिकट को लेकर मारपीट, विधायक को आई चोट
बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब तक टिकट की उम्मीद में बैठे नेताओं के सब्र का बांध अब जवाब देने लगा है। हर दल में कमोबेश यही स्थिति है। कुछ दलों की तरफ से उम्मीदवारों का एलान किया गया है इसके बावजूद ज्यादातर पर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। वहीं जिन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान हो चुका है वहां बागियों और रूठों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।
लोजपा-बीजेपी-जदयू की पहेली कुमार विश्वास के लिए बनी अबूझ, बोले- मेरा मार्गदर्शन करें..
बिहार विधानसभा चुनावों के तारीखों के एलान के बाद से दलों के बीच काफी उठापटक देखने को मिली। हालांकि अब स्थिति सामान्य नजर आ रही है। इस सामान्य दिखने वाली स्थिति में सब उतना आसान नही है जितना दिख रहा है। तभी तो शायद लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास ने इसे समझने के लिए ट्विटर पर लोगों से मार्गदर्शन मांगा है। आइए देखें कि कुमार विश्वास क्यों उलझ गए?
बिहार विधानसभा चुनाव- राजद की पहली सूची जारी, शिवानंद-जगदानंद के बेटों को मिला टिकट, देखें
बिहार विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अब दलों ने उम्मीदवारों की सूची जारी करनी शुरू कर दी है। इसी क्रम में अब राजद की तरफ से भी प्रत्यशियों की सूची जारी कर दी गई है। इससे सीपीआईएम और जदयू के अलावा पुष्पम प्रिय चौधरी की प्लुरल्स भी कुछ सीटों के लिए उम्मीदवारों का एलान कर चुके हैं। बीजेपी भी अब से थोड़ी देर बाद पहले चरण के उम्मीदवारों के नाम का एलान कर सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव- जदयू ने जारी की उम्मीदवारों की पहली सूची, देखें
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए अब धीरे धीरे उम्मीदवारों की सूची आने का सिलसिला शुरू हो गया। सबसे पहले जहां महागठबंधन की तरफ से राजद और सीपीआई(एम) ने कुछ उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी थी वहीं अब एनडीए में शामिल दल भी उम्मीदवारों के नामों का एलान करने लगे हैं। बीजेपी की पहली लिस्ट जहां आज शाम तक आने की उम्मीद है वहीं जदयू की तरफ से 12 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी गई है।
महागठबंधन के सहयोगी सीपीआई(एम) ने जारी की 4 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट, देखें
बिहार विधानसभा चुनावों के तारीखों के एलान और अधिसूचना जारी होने के पांचवें दिन आज किसी भी दल द्वारा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की गई है। अभी तक सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों के चयन को लेकर सस्पेंस ही चल रहा था। हालांकि पहले जहां महागठबंधन ने सीट बंटवारे का ऐलान किया वहीं अब धीरे धीरे सीटों पर दावेदारी और उम्मीदवारों के नाम भी साफ होने लगे हैं।
बिहार- जदयू विधायक पर जानलेवा हमला, चार गिरफ्तार
बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक दलों और नेताओं की सक्रियता बढ़ गई है। साथ ही राजनीति से जुड़ी ख़बरों के आने का सिलसिला भी बढ़ गया है। अभी से कुछ दिनों पहले जहां दो अलग अलग जगहों से विधायकों को खदेड़ने की खबर आई थी वहीं अब एक खबर बिहार के शिवहर जिले से आ रही है। यहां कुछ बदमाशों ने जदयू विधायक शफुद्दीन के काफिले पर हमला बोल दिया।
बिहार चुनाव- सीट बंटवारे की उहापोह से परेशान दल, संभावित उम्मीदवारों में भी संशय की स्थिति
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव अपने तय समय पर होंगे। इन चुनावों को लेकर दल और उनके नेता अपनी कमर कसने में कोई कोर कसर नबी छोड़ना चाहते हैं। बागियों को सहारा देने से न तो परहेज़ है न रूठे यारों को मनाने से लेकिन उस बीच एक संकट ऐसा है जो हर दल और गठबंधन के नेताओं में आम है।
