कभी मोदी के करीबी तो कभी उनके धुर विरोधी और नीतीश के करीबी जा बने प्रशांत इन दिनों किसी खास भूमिका या पर्दे के सामने तो नजर नही आ रहे लेकिन ऐसा कैसे हो सकता है कि नीतीश से अलग होकर ‘बात बिहार की’ शुरू करने वाले इस चुनावी परिदृश्य से पूरी तरह ओझल हैं?
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बिहार विधानसभा चुनावों के बीच प्रचार का शोर पूरे उफान पर है। जमकर आरोप-प्रत्यारोप के शब्दबाण चलाये जाने लगे हैं। शीर्ष नेता उम्मीदवारों के पक्ष में धुंआधार रैलियां कर अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने में कोई कसर नही छोड़ रहे हैं। इसी बीच चुनावी मौसम में जनता के बीच जा रहे नेताओं को अब विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है।
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बिहार विधानसभा चुनावों में प्रचार का शोर हर बीतते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। हर दल के शीर्ष और बड़े नेता अब उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जी तोड़ मेहनत और धुंआधार रैलियां कर रहे हैं। कोरोना काल मे होरहे इस चुनाव में उम्मीद थी कि फिजिकल रैलियों में सख्ती होगी और कोरोना का खौफ हावी रहेगा लेकिन ऐसा होता नजर नही आ रहा है।
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बिहार चुनावों की तारीखों का एलान हो गया है। इसी के साथ सीटों के बंटवारे, मुद्दे, वादे करने का दौर शुरू हो गया। आरोप-प्रत्यारोप तो खैर महीनों से चल ही रहा है। इसके अलावा नेता और दल अपने-अपने लिए सुरक्षित राजनीतिक सहारे ढूंढ रहे हैं। महागठबंधन और एनडीए में भी जहां सीटों को लेकर असमंजस की स्थिति है। वहीं अब छोटे-छोटे दल भी चुनावों को लेकर काफी सक्रिय नजर आने लगे हैं।
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बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के एलान के बाद तीन दिनों का वक़्त बीत चुका है। दल तैयारियों में लगे हैं, मुद्दे और संभावित उम्मीदवार, घोषणापत्र और वादों की लिस्ट तैयार होने लगी है हालांकि सीट बंटवारे की वजह से पेंच हर तरफ फंसता दिखाई दे रहा है। एक तरफ जहां महागठबंधन में मुश्किलें उपेंद्र कुशवाहा और कांग्रेस की वजह से बढ़ी हुई हैं वही एनडीए की तरफ से लोजपा ने मोर्चा खोल रखा है।
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बिहार विधानसभा चुनावों के तारीखों के एलान के साथ ही नए नारों, वादों और दावों की शुरुआत दल और नेताओं की तरफ से हो गई है। यह चुनाव मुख्यतः नीतीश बनाम तेजस्वी है। ऐसा इसलिए है क्योंकि महागठबंधन की अगुवाई जहां तेजस्वी कर रहे हैं वहीं एनडीए की तरफ से नीतीश ही चेहरा रहेंगे यह तय है। इस बार के चुनावी परिदृश्य से लालू प्रसाद यादव गायब हैं। इसकी वजह है उनका जेल में होना हालांकि जेल से भी वह एक्टिव हैं।
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बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तारीखों का ऐलान कल निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। बिहार में चुनाव तीन चरणों मे कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा। नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को होगा। राज्य में चुनावों के तारीखों के एलान के साथ ही जनता को लुभाने के लिए वादों और बातों का दौर शुरू हो गया है।
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बिहार में बढ़ी चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक दलों में जुबानी जंग के साथ पोस्टर वार एक बार फिर तेज होता नजर आ रहा है। एक तरफ जहां सोशल मीडिया पोस्ट और मीडिया के माध्यम से, भाषणों के माध्यम से आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे, सफलता-विफलता बताई जा रही है वहीं दूसरी तरफ पोस्टरों के माध्यम से भी हमला बोला जा रहा है।
