केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को बड़ा प्रमोशन मिला है जिसके तहत अब वह राज्यसभा में सदन के नेता होंगे। वह हाल ही में राज्यपाल बनाए गए पूर्व केंद्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की जगह लेंगे।

मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्रिमंडल में हुए बड़े फेरबदल के दौरान उनके मंत्रालय में तब्दीली की गई है।

पीयूष गोयल को यह अहम जिम्मेदारी 19 जुलाई से शुरू हो रहे संसद सत्र के कुछ दिनों पहले ही मिली है। उनसे पहले राज्यसभा में नेता सदन का ओहदा पूर्व सामाजिक एवं न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत के पास था, जिन्हें अब कर्नाटक का राज्यपाल नियुक्त गया है। उनसे पहले दिवंगत मंत्री अरुण जेटली के पास यह अहम जिम्मेदारी थी।

इस लिहाज से देखा जाए तो पीयूष गोयल का यह संसदीय राजनीति में बड़ा प्रमोशन माना जा रहा है। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भरोसा हासिल करने वाले केंद्रीय मंत्रियों में शुमार किया जाता है जिसे लेकर वह मोदी सरकार के पहले कार्यकाल से ही केंद्रीय मंत्रिमंडल का हिस्सा बने रहे हैं।

राज्यसभा के दो बार के सदस्य गोयल वर्तमान में उच्च सदन में राजग के उप-नेता भी हैं। उनके पास अभी वाणिज्य और उद्योग, खाद्य एवं उपभोक्ता तथा कपड़ा मंत्रालय सहित विभिन्न मंत्रालयों का दायित्व है।

वर्ष 2014 में मंत्री बनने से पहले वह पार्टी के कोषाध्यक्ष थे और भाजपा की चुनाव प्रबंधन गतिविधियों में भी शामिल रहे हैं। पीयूष गोयल 2010 से राज्यसभा के सदस्य हैं। पहले उनके पास रेलवे मंत्रालय भी था।

बता दें कि राज्यसभा में नेता के लिए भूपेंद्र यादव, निर्मला सीतारमण और मुख्तार अब्बास नकवी का भी नाम आगे चल रहा था पर यह जिम्मेदारी आखिर में पीयूष गोयल को मिली।

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