केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कुछ राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिलसिलेवार ट्वीट किया और विपक्ष पर निशाना साधा है।

उन्होंने वैक्सीन की कमी वाले विपक्ष के बयान को निरर्थक करार देते हुए कहा कि सिर्फ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। उन्होंने मीडिया में भ्रम एवं चिंता पैदा करने वाले बयान देने वाले नेताओं को इस बात पर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत बताई।

मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर कहा

वैक्सीन की उपलब्धता के संदर्भ में मुझे विभिन्न राज्य सरकारों और नेताओं के बयान एवं पत्रों से जानकारी मिली है। तथ्यों के वास्तविक विश्लेषण से इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। निरर्थक बयान सिर्फ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए किए जा रहे हैं।

अपने सिलसिलेवार ट्वीट में उन्होंने बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों के जरिए वैक्सीनेशन हो सके, इसलिए जून महीने में 11.46 करोड़ वैक्सीन की डोज राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को उपलब्ध कराए गए और जुलाई के महीने में इस उपलब्धता को बढ़ाकर 13.50 करोड़ किया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि जुलाई में राज्यों में वैक्सीन के कितने डोज उपलब्ध कराई जाएगी, इसकी जानकारी केंद्र सरकार ने राज्यों को 19 जून, 2021 को ही दे दी थी। इसके बाद 27 जून एवं 13 जुलाई को केंद्र की ओर से राज्यों को जुलाई के पहले एवं दूसरे पखवाड़े के लिए उन्हें हर दिन की वैक्सीन उपलब्धता की जानकारी बैच के हिसाब से एडवांस में ही दी गई।

इसलिए राज्यों को यह अच्छी तरह से पता है कि उन्हें कब और कितनी मात्रा में वैक्सीन डोज मिलेंगे। केंद्र सरकार ने ऐसा इसलिए किया है ताकि राज्य सरकारें जिला स्तर तक वैक्सीनेशन का काम सही योजना बनाकर कर सकें और लोगों को कोई परेशानी नहीं हो।

मंडाविया ने कहा कि अगर केंद्र पहले से ही अपनी तरफ से ये जानकारियां एडवांस में दे रही है और इसके बावजूद भी हमें कुप्रबंधन और वैक्सीन लेने वालों की लंबी कतारें दिख रही हैं तो यह बिल्कुल स्पष्ट है कि समस्या क्या है और इसकी वजह कौन है।

उन्होंने अपने आखिरी ट्वीट में यह पूछा कि मीडिया में भ्रम व चिंता पैदा करने वाले बयान देने वाले नेताओं को इस बात पर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है क्या उन्होंने शासन प्रक्रिया व इससे सबंधित जानकारियों से इतनी दूरी बना ली है कि वैक्सीन आपूर्ति के संदर्भ में पहले से ही दी जा रही जानकारियों का उन्हें कोई अता-पता नहीं है।

गौरतलब हो कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कथित तौर पर कमी होने का हवाला देते हुए बुधवार को केंद्र पर निशाना साधा था। उन्होंने एक खबर साझा करते हुए ट्वीट किया था कि “जुमले हैं, वैक्सीन नहीं!” इस साझा खबर में कहा गया है कि कई राज्यों में वैक्सीन की कमी है, जिससे केंद्र ने इनकार किया है।

वहीं कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने भी आरोप लगाते हुए कहा कि वैक्सीन की कमी और ईंधन की कीमतों में वृद्धि से भाजपा सरकार जनता के घाव पर नमक रगड़ रही है। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट करते हुए लिखा, “वैक्सीनेशन की दर में 60 प्रतिशत की गिरावट आई है और इस सरकार में ईंधन की कीमतों में 63 गुना की बढ़ोतरी हुई है। बीजेपी लोगों के घाव पर नमक रगड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।”

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