बिहार विधानसभा चुनावों के लिए आज तीसरे और अंतिम चरण का प्रचार थम जाएगा। दो चरण के मतदान पहले ही हो चुके हैं और तीसरे चरण का मतदान 7 नवम्बर को होना हैं। वही मतों की गिनती 10 नवम्बर को होगी और इसी के साथ यह साफ हो जाएगा कि बिहार में किसकी सरकार बनेगी। आपको बता दें कि अंतिम चरण में 15 जिले के 78 विधानसभा क्षेत्रों में वोट डाले जाएंगे। विधानसभा सीटों के अलावा वाल्मीकिनगर लोकसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव के लिए भी मतदान 7 नवंबर को ही संपन्न होगा
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क्या ट्रम्प देंगे बिहार को विशेष राज्य का दर्जा? तेजस्वी ने संकल्प पत्र जारी कर पूछा सवाल, पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए आज महागठबंधन की तरफ से संकल्प पत्र जारी कर दिया गया है। पटना के एक होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह संकल्प पत्र राजद नेता तेजस्वी यादव, कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला और शक्ति सिंह गोहिल सहित कई अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच जारी किया गया। इस संकल्प पत्र में जनता से वादों की एक लंबी लिस्ट है। इस अवसर पर तेजस्वी यादव ने राज्य की एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला है
बिहार विधानसभा चुनाव- दूसरे चरण की 94 सीटों पर कुल 1062 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा, पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनावों के पहले और दूसरे चरण के लिए नामांकन की तिथि समाप्त हो चुकी है। पहले चरण में जहां 71 विधानसभा सीटों के लिए 28 अक्टूबर को मतदान होना है वहीं दूसरे चरण में 94 विधानसभा सीटों पर 3 नवम्बर को मतदान होना है। तीसरे चरण के लिए भी नामांकन का दौर जारी है। दलों के अलावा निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या में भी इस बार अप्रत्याशित वृद्धि देखने को मिली है।
तेजस्वी के हलफनामे पर सुशील मोदी का सवाल- क्रिकेट में रहे विफल, न नौकरी न व्यवसाय तो कहां से हुई आय?
बिहार विधानसभा चुनावों के लिए प्रचार और आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार जारी है। खास कर बिहार बीजेपी की तरफ से सुशील मोदी ने लालू परिवार को घेरने का जिम्मा संभाल रखा है। अभी हाल ही में सुशील मोदी ने तेजप्रताप यादव की संपत्ति को लेकर सवाल खड़े किए थे वहीं अब एक बार फिर उन्होंने तेजस्वी यादव के चुनावी हलफनामे पर सवाल पूछा है।
नीतीश सरकार में रहे मंत्री, जदयू छोड़ राजद में हुए शामिल लेकिन न टिकट मिला न बने स्टार प्रचारक
बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर हर दल के तरफ से लगभग उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया गया है। जदयू सहित कई दलों ने जहां दूसरे दलों से आने वाले नेताओं पर भी भरोसा व्यक्त करते हुए टिकट दिया वहीं नीतीश सरकार में मंत्री और फुलवारीशरीफ सीट से विधायक श्याम रजक ‘न घर के रहे न घाट के।’ हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि श्याम रजक जिस मकसद से जदयू छोड़ राजद में आये थे कम से कम वह पूरा होता नही दिखाई पड़ रहा है।
