बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर हर दल के तरफ से लगभग उम्मीदवारों के नामों का एलान कर दिया गया है। जदयू सहित कई दलों ने जहां दूसरे दलों से आने वाले नेताओं पर भी भरोसा व्यक्त करते हुए टिकट दिया वहीं नीतीश सरकार में मंत्री और फुलवारीशरीफ सीट से विधायक श्याम रजक ‘न घर के रहे न घाट के।’ हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि श्याम रजक जिस मकसद से जदयू छोड़ राजद में आये थे कम से कम वह पूरा होता नही दिखाई पड़ रहा है।
माना जा रहा था कि श्याम रजक अपनी सीट बचाने राजद की शरण मे आये थे। उन्हें उम्मीद थी कि राजद उन्हें फुलवारीशरीफ सीट से उम्मीदवार बनाएगी। हालांकि गठबंधन के तहत यह सीट भाकपा माले के खाते में चली गई।
इसके बाद उनके किसी दूसरी सुरक्षित सीट से चुमाव लड़ने की खबरें भी आई लेकिन ऐसा होता नजर नही आ रहा है। श्याम रजक बेटिकट रह गए। गौर करने वाली बात यह है कि टिकट से दूर रहे रजक को राजद के स्टार प्रचारकों की सूची में भी जगह नही मिल सकी है।
राजद की तरफ से 30 नेताओं के नाम चुनाव आयोग को स्टार प्रचारक के तौर पर सौंपे गए। इस लिस्ट से भी श्याम रजक का नाम गायब था। वहीं इस सूची में लालू परिवार से चार नाम शामिल किए गए हैं।
इन नामों में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मीसा भारती के नाम शामिल हैं। ऐसे में देखने लायक बात होगी कि चुनाव बाद श्याम रजक को कहां एडजस्ट किया जाता है?
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