हाल ही में अभिनेता अजय देवगन की फिल्म ‘भुज: द प्राइड ऑफ इंडिया’ ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई है।

फ़िल्म में अभिनेता भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर विजय कार्णिक का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म के प्रचार-प्रसार को लेकर एक इंटरव्यू में पूछे गए एक सवाल का जवाब उन्होंने कुछ इस प्रकार दिया। सवाल था कि “1971 में इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थीं।

उनके नेतृत्व में हमने किस प्रकार की बड़ी कामयाबी हासिल की और आजतक हिंदुस्तान उस बात का जश्न मनाता है। फिर बाद में हमने देखा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए उरी में जो सर्जिकल स्ट्राइक हुई, उसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व था। अगर आपका नजरिया जानना चाहें तो दोनों में से ज्यादा सशक्त कौन था?”

इस पर अजय ने कहा कि “दोनों की तुलना नहीं कर सकते। उस समय इंदिरा गांधी ने जो किया वो सही था और अब जो प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं, वो भी सही है।

दोनों के शासनकाल में परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं। अगर एक स्थिति दी जाए और उसमें दो लोगों को डाला जाए कि उसमें किसने बेहतर किया, तब यह सवाल हो सकता है, लेकिन यहां तो दो स्थिति और दौर ही बिल्कुल अलग है।”

इससे पहले उनकी फिल्म ‘तानाजी’ आई थी। भारतीय इतिहास पर फिल्म बनाने को लेकर अजय देवगन का मानना है कि भारत का असल इतिहास सामने लाना बहुत ज़रूरी है क्योंकि उनके मुताबिक़ इसे दबा दिया गया था।

मौजूदा पीढ़ी को यह जानना ज़रूरी है कि देश किनके बलिदानों पर खड़ा है। उन्होंने बताया कि उनके समय में तानाजी पर सिर्फ़ आधा पन्ना लिखा था और आज की पीढ़ी को तो तानाजी के बारे में पता ही नहीं क्योंकि उनका ज़िक्र किताबों में ही नहीं है।

उन्होंने आगे कहा “मुझे लगता है कि हमें इस पर बात करनी चाहिए, क्योंकि देश की बात करें तो देश तब बदलेगा जब सब बदलेंगे और इस पीढ़ी को पता ही नहीं कि कितने लोगों की मेहनत और निस्वार्थ बलिदान पर ये देश खड़ा हुआ है। जब आप को पता चलेगा कि कितनी मुश्किल से आज़ादी हासिल हुई है तब उसकी क़दर होगी।”

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