हिंदी सिनेमा में नकारात्मक भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता महेश आनंद का जीवन बाहरी चमक के पीछे गहरे संघर्षों से भरा था। शहंशाह में उनकी भूमिका ने उन्हें खास पहचान दिलाई थी। इससे पहले करिश्मा (1984)से उन्होंने शुरुआत की थी और सनम तेरी कसम के ओपनिंग डांस में उनकी उपस्थिति ने उन्हें लोगों का प्यार दिलाया था।
उनका निजी जीवन लगातार उथल-पुथल में रहा। उन्होंने पाँच शादियाँ कीं- बर्खा रॉय, एरिका मारिया डी’सूज़ा (जिनसे उन्हें बेटा ‘त्रिशूल’हुआ), मधु मल्होत्रा, उषा बचानी और अंत में रूस की लाना से। लेकिन कोई भी रिश्ता लंबे समय तक नहीं चल पाया।
90 के दशक में वे अमिताभ बच्चन, गोविंदा, सलमान खान, सनी देओल और संजय दत्त जैसे सितारों के साथ उन्हें कई फिल्मों में देखा गया। इसी दौरान एक शूटिंग हादसे में उन्हें गंभीर चोट लगी, जिसके चलते वे महीनों अस्पताल और 3 वर्षों तक बिस्तर पर रहे। इस घटना ने उनके करियर और जीवन दोनों को मोड़ दिया। काम रुक गया, आर्थिक संकट बढ़ा और व्यक्तिगत रिश्ते टूटते चले गए।
डिप्रेशन और अकेलेपन से जूझते हुए वे सोशल मीडिया पर अपने बेटे के लिए दर्दभरे संदेश लिखते रहे। 2019 में रंगीला राजा फिल्म में लंबे समय बाद उन्हें एक रोल मिला, पर फिल्म नहीं चली। कुछ ही सप्ताह बाद, 9 फरवरी 2019 को वे मुंबई के वर्सोवा स्थित घर में अकेले मृत पाए गए , उनकी काम वाली बाई ने दो दिन तक कोई संदेश ना सुनने पर पुलिस को खबर दी थी । टीवी चल रहा था, खाना रखा था ,लेकिन साथ कोई नहीं था।
