उत्तर प्रदेश के गोंडा में 3 दलित बहनों पर एसिड फेंकने वाले शख्श को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी. फिलहाल उसका स्थनीय अस्पताल में भरी करवाया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है.
राज्य सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं हालांकि पीड़िता के परिवार की तरफ से पीड़िता के भाई ने कहा कि हम चाहते थे सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में जांच हो, सीबीआई की जांच भी अच्छी है।
इसी बीच उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल के बयां ने आग में घी का काम कर दिया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया की हाथरस में पीड़िता के साथ बलात्कार हुआ है.
दैनिक भास्कर में छपी एक खबर के अनुसार शुक्रवार को हाथरस में ठाकुरों-ब्राह्मणों की रात को गुपचुप तरीके से पंचायत हुई जिसमें सर्वसम्मति से ये फैसला लिया गया की सब मिलकर आरोपियों की रिहाई की मांग करेंगे.