उत्तर प्रदेश के गोंडा में 3 दलित बहनों पर एसिड फेंकने वाले शख्श को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी. फिलहाल उसका स्थनीय अस्पताल में भरी करवाया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है.
एसपी शैलेश कुमार पांडेय ने मीडिया को बताया की इस केस की जांच करते समय आशीष का नाम बार-बार सामने निकल कर आ रहा था. मगर जब पुलिस ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो वह गायब मिला जिससे पुलिस का उसपर शक गहरा गया.

फिर पुलिस को अपने सूत्रों से जानकारी मिली की आशीष अपनी बाइक से कर्नलगंज के रास्ते हुजूरपुर होते हुए भागने की कोशिश कर रहा है. आशीष के आने से पहले ही पुलिस ने वहाँ अपना जाल बिछा रखा था. आशीष जैसे ही अपनी बाइक पर आया, पुलिस ने उससे सरेंडर करने को कहा मगर उसने पुलिस पर गोली चला दी. जवाबी कार्यवाही में उसके पैर पर गोली लगी जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया.
इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोंडा पुलिस को इस मामले में सख्त से सख्त कार्यवाही करने के आदेश दिए थे. आदित्यनाथ ने अधिकारीयों से पीड़ित लड़की को हर संभव मदद देने के आदेश भी दिए है.
आपको बतादें की परसो देर रात देर रात 3 दलित बहनों पर सोते हुए आशीष ने एसिड डाल दिया गया जिसमें 2 बहने मामूली रूप से जली थी जबकि बड़ी बहन है का चेहरा बुरी तरह झुलस गया है. उसको इलाज स्थनीय अस्पताल में चल रहा है.
पुलिस ने पीड़िता के घर के बाहर से एसिड की बोतल और एक मोबाइल बरामद किया है. कल पुलिस ने इस मामले में FIR पहले ही दर्ज़ कर ली थी.
