सुसाशन का दम भरने वाली योगी सरकार में दलित महिलाओं के ऊपर अत्याचार के मामले बढ़ते ही जा रहे है. ऐसा ही अब एक मामला गोंडा से आया है जहां कल देर रात 3 दलित बहनों पर सोते हुए एसिड डाल दिया गया. 2 बहनों मामूली घायल हुई है मगर एक का चेहरा बुरी तरह झुलस गया है.
पुलिस सूत्रों के अनुसार तीनों बहने रात को रसोई में सोइ हुई थी. तभी उनके ऊपर किसी ने अचानक एसिड से अटैक कर दिया. जब तक वह कुछ समझ पाती, अटैक करने वाला वहां से फरार हो गया. दो बहनो को तो मामूली चोटें आयी यही मगर एक बहन का चेहरा गंभीर रूप से घायल हो गया है. उसे उपचार के लिए स्थानीय अस्पातल में भर्ती करवाया गया है.
तीनों बहने नाबालिक है. अभी तक एसिड फेंकने वाले के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया है मगर पुलिस इस बारे में छानबीन कर रही है.
इससे पहले भी हाथरस में एक 19 साल की दलित युवती के साथ सामूहिक बलात्कार और मर्डर का मामला आया था जो लगातार सुर्ख़ियों में बना हुआ है.
कल हाथरस गैंगरेप और हत्या काण्ड में पहली सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन के की कार्यवाही पर सवाल उठाये और जम कर लताड़ लगाई. कोर्ट के सवालों के सामने उत्तर प्रदेश प्रसाशन घिरता दिखाई दिया.
जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस राजन रॉय ने पीड़िता का रात को अंतिम संस्कार करने के ऊपर अधिकारियो से पूछा की क्या आप में से किसी की बेटी होती तो आप रात को इसका अंतिम संस्कार होने देते. कोर्ट ने पुलिस के ढीले रवैये पर भी सवाल खड़े किये.
