हाथरस गैंगरेप केस को लेकर पूरे भारत में गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है. विपक्षी पार्टियां और सामजिक संगठन पीड़िता को इन्साफ दिलाने के लिए सड़कों पर उतर आये है. जगह-जगह विरोध प्रदर्शन चल रहे है. सरकार और पुलिस की भूमिका को लेकर ही सवाल उठाये जा रहे है.
इसी बीच उत्तर प्रदेश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल के बयां ने आग में घी का काम कर दिया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया की हाथरस में पीड़िता के साथ बलात्कार हुआ है. उन्होंने कहा ‘‘डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि हाथरस की घटना में महिला के साथ दुष्कर्म नहीं हुआ.’’
मंत्री साहब यहीं नहीं रुके. हाथरस गैंगरेप को छोटा सा मुद्दा करार दे दिया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना लगाते हुए कहा की ‘‘अगर विपक्ष सरकार पर हमले कर रहा है तो हम कुछ नहीं कर सकते. उनके पास कोई मुद्दा नहीं है और वे बीच-बीच में ऐसे छोटे मुद्दे उठाते रहते हैं. वे केवल मुद्दे उठा रहे हैं और जनहित में कुछ भी नहीं कर रहे.’’
अजीत सिंह के इस बयान पर विपक्षी दलों ने टिकी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा की इसी बयाना से अंदाजा लगाया जा सकता है की उत्तर प्रदेश की सरकार इस मामले को लेकर कितनी संजीदा है. उत्तर प्रदेश की सरकार महिलाओं की सुरक्षा के मामले में फ़ैल साबित हुई है. मंत्री साहब के इस बयान के बाद हंगामा और बढ़ने के आसार दिख रहे है.
हाथरस मामले में योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई, एसपी-डीएसपी समेत 5 सस्पेंड, नार्को टेस्ट के आदेश
