बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज है। दल और नेता अपने-अपने गढ़ को बचाने और नए किले फतह करने के लिए कोई कोर-कसर नही छोड़ना चाहते हैं। यही वजह है कि अभी तक एनडीए और महागठबंधन की तरफ से सीटों के बंटवारे या उम्मीदवारों के चयन को लेकर कोई भी औपचारिक एलान नही किया जा सका है।
Tag: #JeetanRamManjhi
उपेंद्र कुशवाहा को झटका दे राजद में शामिल हुए रालोसपा प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी, जानें मायने
बिहार विधानसभा की रणभेरी तारीखों के एलान के साथ ही बज चुकी है। अब दल और नेता टिकट बंटवारे पर जहां ध्यान देने में लगे हैं वहीं दल बदलने का सिलसिला भी अनवरत जारी है। इसी क्रम में आज रालोसपा को एक और बड़ा झटका उस वक़्त लगा जब उपेंद्र कुशवाहा के खास माने जाने वाले और रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी आज राजद में शामिल हो गए। पहले से ही महागठबंधन और एनडीए से दूर दूर चल रहे उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह बड़ा झटका है।
बिहार विधानसभा चुनाव- पहले सात निश्चय योजना का पता नही, पार्ट-2 का हो गया एलान, फिर वादों के भरोसे चुनाव
बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तारीखों का ऐलान कल निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। बिहार में चुनाव तीन चरणों मे कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा। नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को होगा। राज्य में चुनावों के तारीखों के एलान के साथ ही जनता को लुभाने के लिए वादों और बातों का दौर शुरू हो गया है।
बिहार विधानसभा चुनाव- तारीखों के ऐलान के बीच लालू ने दिया नया नारा, कहा- उठो बिहारी…
बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान आज निर्वाचन आयोग की तरफ से कर दिया गया है। जैसा कि अनुमान था इस बार चुनाव कम चरणों मे सम्पन्न कराए जाएंगे वैसा ही हुआ भी। आयोग ने इस बार तीन चरण में चुनाव सम्पन्न कराने का एलान कर दिया। पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर, दूसरा 3 नवम्बर और तीसरा चरण 7 नवम्बर को होगा। नतीजों का एलान 10 नवम्बर को होगा।
बिहार विधानसभा चुनाव- तेजस्वी बोले-अभी बिहार-बिहार करेंगे, चुनाव होते ही भूल जाएंगे
बिहार में चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक तपन तेजी से बढ़ रही है। एक तरफ जहां सरकार वादे, यादें, शिलान्यास और उद्घाटन से जनता को विकास और अपनी कामयाबी की बातें बताने में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष लगातार हमलावर है। खास कर कृषि संबंधित बिल ने जैसे विपक्ष को संजीवनी दे दी है और इसको लेकर सरकार को लगातार तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
बिहार चुनावों से पहले जानें किन दलों को मिला नया चुनाव चिन्ह, पप्पू को कैंची तो मांझी को पैन, जानें पूरा ब्यौरा
बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियां जारी है। कहीं एक दूसरे पर जम कर आरोपो के तीर चलाये जा रहे तो कहीं चुनावी बिसात पर ऐसी गोटियां बिछाई जा रही है जिससे जीत में कोई कोर कसर बाकी न रहे। गठबंधन में सीटों के बंटवारे अपर तो नेताओं में टिकट को लेकर उलझन की स्थिति है। इसी बीच चुनाव आयोग ने कुछ दलों को नया चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है।
बिहार चुनाव- सीट बंटवारे की उहापोह से परेशान दल, संभावित उम्मीदवारों में भी संशय की स्थिति
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव अपने तय समय पर होंगे। इन चुनावों को लेकर दल और उनके नेता अपनी कमर कसने में कोई कोर कसर नबी छोड़ना चाहते हैं। बागियों को सहारा देने से न तो परहेज़ है न रूठे यारों को मनाने से लेकिन उस बीच एक संकट ऐसा है जो हर दल और गठबंधन के नेताओं में आम है।
इस दिन हो सकता है बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान, कोरोना काल मे चुनाव कराने वाला पहला राज्य होगा
बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर सत्तापक्ष की जिद्द और विपक्ष की चुनाव न कराने की मांग के बीच अगले एक दो दिनों में चुनावों की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। कोरोना संकट के बीच बिहार ऐसा पहला राज्य होगा जहां चुनाव होंगे। माना जा रहा है कि निर्वाचन आयोग 13 सितम्बर को तारीखों का ऐलान कर सकता है। यह अनुमान इसलिए लगाए जा रहे क्योंकि वर्तमान विधानसभा के चुनावी तारीखों का ऐलान भी 9 सितम्बर को हुआ था।
चुनावी चूर्ण बाँटते नीतीश की तस्वीर शेयर कर बोले लालू, वर्चुअल-फर्चुअल नही एक्चुअल में बताओ..
लालू के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा गया कि 15 वर्षों में क्या-क्या काम किया दिखाओ, वर्चुअल-फ़र्चुअल नहीं ऐक्चूअल में बताओ? इसके साथ ही हैशटैग #Bihar rejectsnitish का भी प्रयोग किया गया।इसी ट्वीट के साथ नीतीश कुमार की एक तस्वीर कार्टून के रूप में साझा की गई। इस तस्वीर में लिखा गया नीतीश का प्रसिद्ध चुनावी चूर्ण।
विशेष- लोजपा-जदयू खींचतान में बीजेपी की खामोशी बहुत कुछ कहती है, पढ़ें
बिहार विधानसभा चुनावों की बिसात बिछने लगी है। नफा-नुकसान का आकलन शुरु हो गया है। इसी के साथ पहले शुरु हुआ नेताओं के पाला बदलने का खेल, फिर हुआ दल बदलने का खेल और अब शुरू है आरोप-प्रत्यारोप का दौर। आरोप प्रत्यारोप भी अगर सत्ता पक्ष और महागठबंधन के बीच हो तो शायद इसमें कुछ नया नही माना जाता लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है कि तर्ज पर पहले जहां मांझी, नीतीश के साथ आ मिले वहीं एनडीए के पुराने पार्टनर लोजपा ने मोर्चा खोल दिया।
पहली डिजिटल रैली में गरजे नीतीश, कहा-बिहार को लालटेन की जरूरत नही, पढ़ें
बिहार चुनावों को लेकर वक़्त जैसे जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे दलों और नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। एक तरफ जहां एनडीए की तरफ से नीतीश कुमार मोर्चा संभाले नजर आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी आरोपों के तीर जदयू की तरफ हर दिन चला रहे हैं। आज पहले जहां तेजस्वी ने नीतिश पर हमला बोलते हुए दस सवाल पूछे थे वहीं अपनी पहली डिजिटल रैली के माध्यम से नीतीश ने अब पलटवार किया है।
