बिहार चुनाव- रांची में लालू ने फाइनल की सीटें और उम्मीदवार, एलान जल्द

बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज है। दल और नेता अपने-अपने गढ़ को बचाने और नए किले फतह करने के लिए कोई कोर-कसर नही छोड़ना चाहते हैं। यही वजह है कि अभी तक एनडीए और महागठबंधन की तरफ से सीटों के बंटवारे या उम्मीदवारों के चयन को लेकर कोई भी औपचारिक एलान नही किया जा सका है।

बिहार के संसदीय क्षेत्र और विभिन्‍न राज्‍यों की विधान सभाओं में आकस्मिक रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनावों की अनुसूची

निर्वाचन आयोग ने नीचे दिए गए विवरणों के अनुसार बिहार के (1) संसदीय निर्वाचन क्षेत्र तथा विभिन्‍न राज्‍यों की विधानसभाओं में 56 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की रिक्तियों को भरने के लिए उपचुनाव कराने का निर्णय लिया है:

उपेंद्र कुशवाहा को झटका दे राजद में शामिल हुए रालोसपा प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी, जानें मायने

बिहार विधानसभा की रणभेरी तारीखों के एलान के साथ ही बज चुकी है। अब दल और नेता टिकट बंटवारे पर जहां ध्यान देने में लगे हैं वहीं दल बदलने का सिलसिला भी अनवरत जारी है। इसी क्रम में आज रालोसपा को एक और बड़ा झटका उस वक़्त लगा जब उपेंद्र कुशवाहा के खास माने जाने वाले और रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी आज राजद में शामिल हो गए। पहले से ही महागठबंधन और एनडीए से दूर दूर चल रहे उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह बड़ा झटका है।

बिहार विधानसभा चुनाव- टिकट की आस में दलों को मिले हजारों बॉयोडाटा, बढ़ी परेशानी

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के साथ ही टिकट की चाह रखने वाले नेताओं की पटना और दिल्ली दरबार की दौड़ शुरू हो चुकी है। हालांकि कोरोना काल मे लड़े जाने वाले इस चुनाव में हर दल के पास सीटों की संख्या जहां सीमित है वहीं एक अनार और सौ बीमार हैं।

उपेंद्र कुशवाहा के सामने अब अस्तित्व बचाने की लड़ाई, महागठबंधन में बेकद्री,एनडीए में नो एंट्री

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। हालांकि तारीखों के एलान के 24 घंटे बीतने के बावजूद भी अभी तक एनडीए और महागठबंधन में सीटों के बंटवारे और टिकट बंटवारे पर पेंच फंसा हुआ है।

बिहार विधानसभा चुनाव- पहले सात निश्चय योजना का पता नही, पार्ट-2 का हो गया एलान, फिर वादों के भरोसे चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तारीखों का ऐलान कल निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। बिहार में चुनाव तीन चरणों मे कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा। नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को होगा। राज्य में चुनावों के तारीखों के एलान के साथ ही जनता को लुभाने के लिए वादों और बातों का दौर शुरू हो गया है।

बिहार विधानसभा चुनाव- तारीखों के ऐलान के बीच लालू ने दिया नया नारा, कहा- उठो बिहारी…

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान आज निर्वाचन आयोग की तरफ से कर दिया गया है। जैसा कि अनुमान था इस बार चुनाव कम चरणों मे सम्पन्न कराए जाएंगे वैसा ही हुआ भी। आयोग ने इस बार तीन चरण में चुनाव सम्पन्न कराने का एलान कर दिया। पहले चरण का चुनाव 28 अक्टूबर, दूसरा 3 नवम्बर और तीसरा चरण 7 नवम्बर को होगा। नतीजों का एलान 10 नवम्बर को होगा।

बिहार विधानसभा चुनाव-आपके जिले और आपकी सीट पर कब होगा चुनाव, जानें

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया जा चुका है। कोरोना काल मे यह पहला चुनाव है। ऐसे में इसको लेकर गाइडलाइंस आयोग पहले ही जारी कर चुका है। तारीखों के एलान के साथ ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

बिहार विधानसभा चुनाव- राजद को जिम्मेदार ठहरा अलग होने की तैयारी में उपेंद्र कुशवाहा!

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन दोनो ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में लगे हुए हैं। हालांकि दोनों ही गठबंधनों के सामने दो चुनौतियां एक जैसी हैं।

बिहार में बदलते चुनावी समीकरण के बीच क्या महागठबंधन का दामन छोड़ NDA में वापसी करने जा रहे है उपेंद्र कुशवाहा!

NDA के पुराने साथी और आरएलएसपी के कद्दावर नेता उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन को छोड़ फिर से NDA में शामिल होने की बात सामने आयी है.

बिहार विधानसभा चुनाव- तेजस्वी बोले-अभी बिहार-बिहार करेंगे, चुनाव होते ही भूल जाएंगे

बिहार में चुनावी सरगर्मियों के बीच राजनीतिक तपन तेजी से बढ़ रही है। एक तरफ जहां सरकार वादे, यादें, शिलान्यास और उद्घाटन से जनता को विकास और अपनी कामयाबी की बातें बताने में जुटी है वहीं दूसरी तरफ विपक्ष लगातार हमलावर है। खास कर कृषि संबंधित बिल ने जैसे विपक्ष को संजीवनी दे दी है और इसको लेकर सरकार को लगातार तीखे सवालों का सामना करना पड़ रहा है।

जारी है बिहार में विधायकों को खदेड़ने का सिलसिला, जनता मांग रही हिसाब, विधायक कर रहे वादे, पढ़ें

5 साल तक चुनाव जीत नदारद रहने वाले विधायकों की राह इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में मुश्किल नजर आ रही है। लोकलुभावन वादे कर जीतने वालों से अब जनता हिसाब मांग रही है। क्षेत्रीय समस्याओं पर लोगों के गुस्से का सामना अभी तक बिहार में कई विधायक कर चुके हैं।

बिहार चुनावों से पहले जानें किन दलों को मिला नया चुनाव चिन्ह, पप्पू को कैंची तो मांझी को पैन, जानें पूरा ब्यौरा

बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियां जारी है। कहीं एक दूसरे पर जम कर आरोपो के तीर चलाये जा रहे तो कहीं चुनावी बिसात पर ऐसी गोटियां बिछाई जा रही है जिससे जीत में कोई कोर कसर बाकी न रहे। गठबंधन में सीटों के बंटवारे अपर तो नेताओं में टिकट को लेकर उलझन की स्थिति है। इसी बीच चुनाव आयोग ने कुछ दलों को नया चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिया है।

दिग्गज नेता भोला राय ने भी छोड़ी राजद, अब अपने तरकश से चलाएंगे जदयू के तीर

राष्ट्रीय जनता दल को आज एक और तगड़ा झटका लगा जब उसके दिग्गज नेता भोला राय ने नितीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड का हाथ थाम लिया. दो दिन में राजद के लिए ये दूसरा बड़ा झटका है. इससे पहले लालू के बेहद करीबी माने जाने वाले दिग्गज नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने भी कल पार्टी से इस्तीफा दे दिया था.

बिहार चुनाव- सीट बंटवारे की उहापोह से परेशान दल, संभावित उम्मीदवारों में भी संशय की स्थिति

कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच यह स्पष्ट हो गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव अपने तय समय पर होंगे। इन चुनावों को लेकर दल और उनके नेता अपनी कमर कसने में कोई कोर कसर नबी छोड़ना चाहते हैं। बागियों को सहारा देने से न तो परहेज़ है न रूठे यारों को मनाने से लेकिन उस बीच एक संकट ऐसा है जो हर दल और गठबंधन के नेताओं में आम है।

बिहार विधानसभा चुनाव- नितीश सरकार और राजद में ज़ुबानी जंग तेज़, एक दूसरे को बता रहे है बीते युग की पार्टी

बिहार विधानसभा चुनाव- नितीश सरकार और राजद में ज़ुबानी जंग तेज़, एक दूसरे
को बता रहे है बीते युग की पार्टी

इस दिन हो सकता है बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान, कोरोना काल मे चुनाव कराने वाला पहला राज्य होगा

बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर सत्तापक्ष की जिद्द और विपक्ष की चुनाव न कराने की मांग के बीच अगले एक दो दिनों में चुनावों की तारीखों का ऐलान किया जा सकता है। कोरोना संकट के बीच बिहार ऐसा पहला राज्य होगा जहां चुनाव होंगे। माना जा रहा है कि निर्वाचन आयोग 13 सितम्बर को तारीखों का ऐलान कर सकता है। यह अनुमान इसलिए लगाए जा रहे क्योंकि वर्तमान विधानसभा के चुनावी तारीखों का ऐलान भी 9 सितम्बर को हुआ था।

चुनावी चूर्ण बाँटते नीतीश की तस्वीर शेयर कर बोले लालू, वर्चुअल-फर्चुअल नही एक्चुअल में बताओ..

लालू के ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा गया कि 15 वर्षों में क्या-क्या काम किया दिखाओ, वर्चुअल-फ़र्चुअल नहीं ऐक्चूअल में बताओ? इसके साथ ही हैशटैग #Bihar rejectsnitish का भी प्रयोग किया गया।इसी ट्वीट के साथ नीतीश कुमार की एक तस्वीर कार्टून के रूप में साझा की गई। इस तस्वीर में लिखा गया नीतीश का प्रसिद्ध चुनावी चूर्ण।

विशेष- लोजपा-जदयू खींचतान में बीजेपी की खामोशी बहुत कुछ कहती है, पढ़ें

बिहार विधानसभा चुनावों की बिसात बिछने लगी है। नफा-नुकसान का आकलन शुरु हो गया है। इसी के साथ पहले शुरु हुआ नेताओं के पाला बदलने का खेल, फिर हुआ दल बदलने का खेल और अब शुरू है आरोप-प्रत्यारोप का दौर। आरोप प्रत्यारोप भी अगर सत्ता पक्ष और महागठबंधन के बीच हो तो शायद इसमें कुछ नया नही माना जाता लेकिन राजनीति में कुछ भी संभव है कि तर्ज पर पहले जहां मांझी, नीतीश के साथ आ मिले वहीं एनडीए के पुराने पार्टनर लोजपा ने मोर्चा खोल दिया।

पहली डिजिटल रैली में गरजे नीतीश, कहा-बिहार को लालटेन की जरूरत नही, पढ़ें

बिहार चुनावों को लेकर वक़्त जैसे जैसे नजदीक आ रहा है वैसे वैसे दलों और नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज होती जा रही है। एक तरफ जहां एनडीए की तरफ से नीतीश कुमार मोर्चा संभाले नजर आ रहे हैं वहीं दूसरी तरफ महागठबंधन की तरफ से तेजस्वी आरोपों के तीर जदयू की तरफ हर दिन चला रहे हैं। आज पहले जहां तेजस्वी ने नीतिश पर हमला बोलते हुए दस सवाल पूछे थे वहीं अपनी पहली डिजिटल रैली के माध्यम से नीतीश ने अब पलटवार किया है।