बिहार विधानसभा चुनावों में प्रचार का शोर हर बीतते दिन के साथ बढ़ता जा रहा है। हर दल के शीर्ष और बड़े नेता अब उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए जी तोड़ मेहनत और धुंआधार रैलियां कर रहे हैं। कोरोना काल मे होरहे इस चुनाव में उम्मीद थी कि फिजिकल रैलियों में सख्ती होगी और कोरोना का खौफ हावी रहेगा लेकिन ऐसा होता नजर नही आ रहा है।
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बलिया हत्याकांड: MLA सुरेंद्र सिंह ने माना मुख्या आरोपी है बीजेपी का कार्यकर्ता, कहा ‘अपने बचाव में चलाई गोली’
बलिया में कल सरकारी कोटे के तहत दुकानों के आवंटन के लिए बुलाई गई एक बैठक के दौरा हुए गोलीकांड में एक शख्स की मौत पर बलिया से विधायक सुरेंद्र सिंह ने पहली बार बयान दिया है. सुरेंद्र सिंह ने इस बात को माना है की इस घटना का मुख्या आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह बीजेपी का कार्यकर्ता है और सुरेंदर सिंह के साथ चुनाव प्रचार में हिस्सा लेता रहा है.
बिहार चुनाव: चुनावी दंगल में उतरे कन्हैया कुमार, बीजेपी की उड़ाई खिल्ली, बोले बीजेपी में शामिल होते ही सारे पाप धुल जाते है
बिहार चुनाव में रैलियों और सभाओं का दौर शुरू हो गया है. पटना के चुनावी रण में दिगज्जों ने उतरना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में कल जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष और सीपीआई के स्टार प्रचारक कन्हैया कुमार बेगूसराय ने चुनावी रैली को सम्भोधित किया. बेगूसराय की 2 विधानसभा सीट बखरी एवं तेघड़ा के लिए सीपीआई के सूर्यकांत पासवान और राम रतन सिंह ने नामांकन भरा है.
बिहार चुनाव: बीजेपी ने तीसरी लिस्ट में 46 उम्मीदवारों का किया ऐलान, देखें लिस्ट
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों ज़ोरो पर है. सभी पार्टियों ने अपनी कमर कस ली है. आज भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने उम्मीदवारों की तीसरी लिस्ट की घोषणा कर दी. इस लिस्ट में बीजेपी ने 46 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है. इस लिस्ट के साथ बीजेपी अब तक 77 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है. पार्टी ने पहली लिस्ट में 27 नाम और दूसरी लिस्ट में केवल 2 नामों का ऐलान किया था
टिकट से वंचित रह गए गुप्तेश्वर पांडेय, पोस्ट लिख कहा- धीरज रखें…
बिहार के डीजीपी पद से जब गुप्तेश्वर पांडेय ने इस्तीफा दिया तो यही उम्मीद थी कि वह बिहार विधानसभा चुनावों में जदयू की तरफ से बक्सर की किसी विधानसभा सीट से प्रत्याशी हो सकते हैं। जब वह सीएम नीतीश कुमार के सामने जदयू की सदस्यता ग्रहण करने पहुंचे तब यह बात लगभग पक्की हो चली थी। हालांकि अब परिस्थिति बिल्कुल अलग है।
