शिवेसना नेता और सामना के संपादक संजय राउत और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी के प्रभारी देवेंद्र फडणवीस की जब मुलाकात हुई तो राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई। इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे।
चर्चा इस बात को लेकर थी कि महाराष्ट्र में सालों तक सत्ता के साझीदार रहे और बाद में अलग हुए यह दो दल क्या एक बार फिर साथ आएंगे?
इस मुलाकात और चर्चाओं के बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि यह मुलाकात दो पुराने सहयोगियों के बीच थी। इस मुलाकात में हमने सामना के इंटरव्यू से संबंधित बातें की थी। हालांकि संजय राउत इस सफाई के बाद अकाली दल के एनडीए से अलग होने पर कह गए कि शिवसेना और अकाली दल एनडीए के सबसे पुराने सहयोगी रहे थे।
एनडीए इसके बिना अधूरा है। इसके अलावा उन्होंने पीएम मोदी के बारे में बोलते हुए कहा कि वह सभी के नेता है।
संजय राउत की पहले फडणवीस से मुलाकात और अब पीएम मोदी को लेकर नरमी के साथ पुराने दिनों की बातें याद करने को नए राजनीतिक बदलाव की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब देखना है कि आने वाले दिनों में इसके क्या मायने निकलते हैं। अभी तो सब गुपचुप गुपचुप ही है।
