फडणवीस बोले कराची एक दिन भारत मे होगा, संजय राउत बोले- पहले पीओके तो लाइए

शिवसेना नेता द्वारा कराची स्वीट्स नाम की एक दुकान के मालिक को नाम बदलने की चेतावनी देते वायरल हुई वीडियो पर शुरू हुई बहस अब पाकिस्तान स्थित कराची को भारत मे लाने तक पहुंच गई है। दरअसल इस वायरल वीडियो के बारे में पूछे जाने पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बड़ा बयान दिया।

अर्नब गोस्वामी की गिरफ़्तारी पर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार आमने सामने, अमित शाह ने कहा यह घटना आपातकाल की याद दिलाती है

रिपब्लिक टीवी के चीफ एडिटर अर्नब गोस्वामी को मुंबई पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये जाने का मुद्दा अब पूरी तरह से राजनितिक रंग ले चुका है. इस मसले को लेकर केंद्र और महाराष्ट्र सरकार एक दूसरे के आमने-सामने खड़ी नज़र आ रही है. केंद्र सरकार इस मामले को जहां तानाशाही रवैया बता रही है वहीँ महाराष्ट्र सरकार का कहना है की कानून अपना काम कर रहा है.

बीजेपी में शामिल हुईं श्रेयसी सिंह, इस सीट से हो सकती हैं उम्मीदवार, एलान कल

श्रेयसी सिंह ने आज दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। उन्हें भूपेंद्र यादव ने बीजेपी की सदस्यता दिलाई। इसके बाद वह बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात करने पहुंची। माना जा रहा है कि वह बाँका या अमरपुर विधानसभा से बीजेपी की प्रत्याशी हो सकती हैं।

फडणवीस-राउत के बाद अब सीएम उद्धव से पवार ने की मुलाक़ात, 24 घंटो के भीतर हुई 2 बैठकों से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात आज एक मुलाकात की. यह मुलाकात लगभग 1 घंटे चली.

राउत-फडणवीस की मुलाकात के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म, क्या फिर बीजेपी-शिवसेना आएंगे साथ?

शिवेसना नेता और सामना के संपादक संजय राउत और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार बीजेपी के प्रभारी देवेंद्र फडणवीस की जब मुलाकात हुई तो राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ गई। इस मुलाकात के राजनीतिक मायने निकाले जाने लगे।

बीजेपी को छोड़िए शिवसेना की सोचिए…

यह शिवसेना उन्ही बालासाहेब की हिंदूवादी आधारभूत संरचना पर खड़ी थी जहां कट्टर हिंदूवाद की छवि थी, राष्ट्रवाद की छाप थी, पाकिस्तान का मुद्दा था

बीजेपी पर बरसे उद्धव

यह कोई पहला मौका नही जब उद्धव इस तरह बीजेपी के खिलाफ बोलते नजर आए है। इससे पहले भी शिवसेना के मुखपत्र सामना में अपने संपादकीय के माध्यम से वहः कई बार सरकार के खिलाफ लिख कर बीजेपी को असहज स्थिति में डाल चुके हैं।

क्यों बीजेपी से जुदा हुई शिवसेना की राह, फडणवीस सरकार का अब क्या होगा अंजाम

बीजेपी अपनी तरफ से गठबंधन नही तोड़ेगी, शिवसेना भी यही चाहती है क्योंकि गठबंधन तोड़ मध्यावधि चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।