शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में अपनी पारंपरिक दशहरा रैली में भाजपा और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने भाजपा की तुलना “अमीबा” नामक एककोशीय जीव से करते हुए कहा कि भाजपा सत्ता के लिए आकार बदलती रहती है, समाज को तोड़ती है और अशांति में पनपती है।
ठाकरे ने आरोप लगाया कि भाजपा “मुफ़्तखोरी की संस्कृति” फैला रही है और “वेतनभोगी मतदाता” तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा का शासन से कोई लेना-देना नहीं, उसका मक़सद सिर्फ़ चुनावी फ़ायदा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मराठवाड़ा में भारी बारिश से प्रभावित किसानों का मुद्दा उठाते हुए प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये मुआवज़े की मांग की।
इस पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पलटवार किया। उन्होंने ठाकरे को “हताश नेता” बताते हुए कहा, “जब कोई व्यक्ति निराश होता है तो तरह-तरह की बातें करता है। समझदार लोग ऐसी बातों पर ध्यान नहीं देते।”
फडणवीस ने व्यंग्य भी किया, “ठाकरे के भाषण ने मेरा 1,000 रुपये बचा दिए। मैंने कहा था कि अगर उन्होंने विकास पर एक शब्द भी बोला तो मैं 1,000 रुपये की बाज़ी हार जाऊंगा। और पता चला कि उन्होंने विकास पर एक शब्द भी नहीं बोला।”
ठाकरे के हमले और फडणवीस के जवाब से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर कटाक्ष और पलटवार की जंग तेज हो गई है।
