प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज सुबह 11 बजे अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिये देशवासियों को संबोधित किया। हर महीने के अंतिम रविवार को सुबह 11 बजे आकाशवाणी और डीडी चैनलों पर प्रसारित होने वाले ‘मन की बात’ कार्यक्रम का यह 80वां एपिसोड था।

बता दें कि प्रसार भारती अपने आकाशवाणी नेटवर्क पर इस कार्यक्रम को 23 भाषाओं और 29 बोलियों में प्रसारित करता है, इसके अलावा, विभिन्न डीडी चैनलों पर इस कार्यक्रम के दृश्य संस्करणों को हिंदी और अन्य भाषाओं में भी प्रसारित किया जाता है। प्रधानमंत्री के मन से जुड़ी खास बातें ये रहीं-

प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद को याद किया और इस बार ओलंपिक में हॉकी को 4 दशक के बाद पदक मिलने पर प्रशंसा जताई। उन्होंने कहा “आप कल्पना कर सकते हैं कि मेजर ध्यानचंद जी के दिल पर, उनकी आत्मा पर, वो जहां होंगे, वहां कितनी प्रसन्नता होती होगी।”

ओलंपिक को लेकर प्रधानमंत्री का कहना था कि “इस बार ओलंपिक ने बहुत बड़ा प्रभाव पैदा किया है। ओलंपिक के खेल पूरे होने पर अभी पैरालंपिक चल रहे हैं। देश को, हमारे इस खेल जगत में जो कुछ भी हुआ, विश्व की तुलना में भले कम होगा, लेकिन विश्वास भरने के लिए तो बहुत था।”

“जब खेल-कूद की बात होती है न, तो स्वाभाविक है हमारे सामने पूरी युवा पीढ़ी नजर आती है और जब युवा पीढ़ी की तरफ गौर से देखते हैं तो बड़ा बदलाव नजर आता है।” खेलों को लेकर प्रधानमंत्री ने कहा।

उन्होंने कहा “युवाओं का मन बदल रहा है। आज का युवा मन बने-बनाए रास्तों पर चलना नहीं चाहता है। वो नए रास्ते बनाना चाहता है। अनजानी जगह पर कदम रखना चाहता है। मंजिल भी नई, लक्ष्य भी नए, राह भी नई और चाह भी नई, और एक बार जो मन में ठान लेता हैं उसमें जी-जान से जुट जाता है। दिन-रात मेहनत करता है।”

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे बताया कि कुछ ही समय पहले स्पेस सेक्टर को खोला गया है और कॉलेज के छात्रों, यूनिवर्सिटी, प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि “मौजूदा समय में युवाओं के बीच स्टार्ट-अप कल्चर का विस्तार हो रहा है। मैं उसमें उज्जवल भविष्य के संकेत देख रहा हूं।” खिलौनों पर उनका कहना था कि “दुनिया में खिलौनों का बहुत बड़ा मार्केट है। आज हमारे देश का युवा उसकी ओर ध्यान केंद्रित कर रहा है, कुछ योगदान करना चाहता है। बच्चों के मन को समझकर खिलौने बनाने की दिशा में हमें आगे बढ़ना है।”

‘मन की बात’ में उनका कहना था कि “आज दुनिया में स्किल्ड लोगों के लिए अवसर की कमी नहीं है। प्रगति के सारे रास्ते आज स्किल्स से तैयार कर रहे हैं। स्किल के महत्व को समझना है और स्किल्ड लोगों को पूरा सम्मान देना है।”

कोरोना के बीच प्रधानमंत्री ने सतर्क रहने को लेकर कहा कि “,इन प्रयासों के बीच, हमें एक बात और याद रखनी है, दवाई भी, कड़ाई भी।

देश में 62 करोड़ से ज्यादा टीकाकरण की डोज दी जा चुकी है लेकिन फिर भी हमें सावधानी रखनी है, सतर्कता रखनी है।”

कार्यक्रम में उन्होंने संस्कृत का भी जिक्र करते हुए कहा “संस्कृत को लेकर कहा कि हालिया वक्त में जो प्रयास हुए हैं, उनसे संस्कृत को लेकर जागरूकता आई है। अब समय है कि इस दिशा में हम अपने प्रयास और बढ़ाएं।” उन्होंने विदेशों में संस्कृत पढ़ाने वाले कई लोगों का जिक्र किया।

इन सब के साथ उन्होंने पर्व की वैज्ञानिकता को समझाते हुए देशवासियों को जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दी।

Read More

  1. दिल्ली सरकार की योजना ‘देश के मेंटर्स’ के ब्रांड एम्बेसडर बने सोनू सूद, सीएम केजरीवाल ने दी जानकारी
  2. कोरोना का रौद्र रूप- मुंबई के एक स्कूल में 22 बच्चे हुए संक्रमित
  3. यूपी पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर को किया गिरफ्तार, जानें मामला
  4. काबुल ब्लास्ट के बाद अमेरिका ने लिया बदला, मार गिराए कई आतंकी
  5. लखनऊ स्थित सैनिक स्कूल के हीरक जयंती समारोह में शामिल हुए राष्ट्रपति
  6. तेजप्रताप के करीबी आकाश यादव राजद छोड़ लोजपा में हुए शामिल, चिराग की पोल खोलने की कही बात