अपने उत्तर प्रदेश के दौरे पर दूसरे दिन यानी 27 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद लखनऊ पहुंचे जहां उन्होंने कैप्टन मनोज पांडेय सैनिक स्कूल के हीरक जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

यहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इस मौक़े पर उनके साथ राज्यपाल आनंदी बेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। स्कूल के छात्र-छात्राओं की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

राष्ट्रपति की मौजूदगी के साथ इस समारोह में स्कूल के पूर्व छात्रों को भी आमंत्रित किया गया जिनमें भारतीय सेना की ट्रेनिंग कमांड के सेनाध्यक्ष ले. जनरल राज शुक्ल और ईस्टर्न नेवल कमांड के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह शामिल रहें। दोनों शीर्ष सैन्य अधिकारी इस कार्यक्रम का हिस्सा बनें।

हीरक जयंती समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने स्कूल के संस्थापक डॉ. संपूर्णानंद की प्रतिमा का अनावरण,डॉ. संपूर्णानंद के नाम पर एक हजार सीटों की क्षमता वाले आधुनिक प्रेक्षागृह का लोकार्पण और स्कूल में बालिका छात्रावास के निर्माण परियोजना का शिलान्यास भी किया। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने हीरक जयंती वर्ष पर डाक विभाग द्वारा जारी एक विशेष डाक टिकट भी जारी किया।

इस दौरान मेहमानों को सैनिक स्कूल के सफर पर आधारित डॉक्यूमेंट्री दिखाई गयी। कार्यक्रम में सेना की ओर से मध्य यूपी सब एरिया मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहें। समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा उन्होंने कहा कि “डॉ.सम्पूर्णानंद इस देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने सैनिक स्कूल की स्थापना के बारे में सोचा। उन्होंने यह जरूर अनुभव किया होगा कि देश का सफलतापूर्वक संचालन करने के लिए अनुशासन जरूरी है।

उनके मन में यही बात रही होगी कि नागरिक को अनुशासित किए बिना देश को विकास के रास्ते पर नहीं लाया जा सकता।” राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आगे कहा “मुझे यह जानकर खुशी हुई कि उत्तर प्रदेश में कैप्टन मनोज कुमार पांडे सैनिक स्कूल, देश का पहला सैनिक है, जो स्कूल लड़कियों को भी शिक्षा प्रदान करता है।

यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।” इसके साथ राष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यों की सराहना करते हुए कहा “मुख्यमंत्री योगी ने राज्य के लिए 16 नए सैनिक स्कूलों की स्थापना का अनुरोध किया है। हाल ही में सैनिक स्कूल, गोरखपुर का शिलान्यास किया गया जो शिक्षा के विकास के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने संपूर्णानंद को दूरदर्शी बताते हुए कहा कि “स्वर्गीय संपूर्णानंद जी ने 1960 के दशक में कल्पना की थी कि सैनिक स्कूल होने चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि “हमने 2018 में ही तय कर लिया था कि लड़कियों को भी सैनिक स्कूलों में दाखिला दिया जाए, जिसकी परिकल्पना देश के प्रधानमंत्री ने की थी।”

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