बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वतंत्रता दिवस के दिन लोगों के लिए बड़ी घोषणा की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कृषि, शिक्षा और पर्यटन के विकास के साथ ही महिलाओं, किसानों, सरकारी कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के लिए कई तोहफे दिए है। कुल मिलाकर उन्होंने 9 ऐलान किए हैं जो इस प्रकार हैं:-

बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के अधीन 3 महाविद्यालयों की स्थापना की जाएगी जिनमें सबौर में कृषि जैव प्रौद्योगिकी महाविद्यालय, भोजपुर में नए कृषि अभियंत्रण महाविद्यालय और पटना में कृषि व्यवसाय प्रबंधन महाविद्यालय शामिल होंगे।

राज्य के किसानों को कृषि उत्पादों के लिए बाजार की सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से सभी कृषि बाजार समितियों का विकास चरणबद्ध तरीके से होगा जिससे अनाज फल सब्जी एवं मछली की अलग-अलग बाजार व्यवस्था, स्टोरेज की सुविधा के कार्य किए जाएंगे। इस पर 2700 करोड़ रुपए की लागत आने के अनुमान है।

इको टूरिज्म के विकास के सभी कार्य अब पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के देखेगा जिसके लिए विभाग में ईको टूरिज्म विंग की स्थापना की जाएगी। इसके अंतर्गत पहाड़ी वन एवं वन्य प्राणी क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए उच्चस्तरीय सुविधा का निर्माण एवं रखरखाव किया जाएगा और इसके लिए इको टूरिज्म पॉलिसी का निर्धारण शीघ्र किया जाएगा।

दूध के क्षेत्र में बढ़ावा देने के लिए सभी गांवों को अगले 4 सालों में दुग्ध सहकारी समितियां से आच्छादित किया जाएगा। जितनी भी नई समितियां बनेंगी उनमें 40% समिति महिला दुग्ध समिति समितियां होंगी।

सुधा डेयरी के उत्पादों का विस्तारीकरण अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी होगा जिसके तहत अगले 4 साल में सभी नगर निकाय एवं प्रखंड स्तर तक सुधा डेयरी के उत्पादों के लिए बिक्री केंद्र खोले जाएंगे।

राज्य में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं के लिए पारिवारिक आय की सीमा निर्धारित 2.5 लाख रुपए से बढ़ाकर ₹3,00,000 किया जाएगा। इसके साथ ही बढ़ी हुई पारिवारिक आय सीमा के कारण होने वाले अतिरिक्त खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी।

स्कूली शिक्षा के विकास एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए विद्यालय स्तर पर कुशल एवं प्रभावी नेतृत्व की आवश्यकता के लिए शिक्षा विभाग के अधीन प्रारंभिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक का संवर्ग और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक संवर्ग का गठन किया जाएगा एवं प्रधान शिक्षक एवं प्रधानाध्यापक के पदों पर नियुक्ति प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से होगी।

सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के तहत अब तक अनुसूचित जाति, जनजाति तथा पिछड़े वर्ग के युवक-युवतियों को बीपीएससी तथा यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा पास करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹50,000 तथा ₹1,00,000 के प्रोत्साहन योजना की तर्ज पर अन्य सभी वर्ग की युवतियों के लिए भी सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की जाएगी।

अधिकारियों-कर्मियों एवं पेंशन धारियों को बड़ी राहत देते हुए एक जुलाई 2021 से महंगाई भत्ता की दर 11% बढ़ा दी गई है जिससे अब 17% के स्थान पर 28% महंगाई भत्ता मिलेगा।

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