जाति जनगणना के मुद्दे पर राजद नेता और बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार पर फिर सवाल उठाए आज नीतीश सरकार पर चुटकी ली।

विपक्ष के नेता ने कहा कि पत्र का जवाब नहीं देकर प्रधानमंत्री ने हमारे मुख्यमंत्री का अपमान किया हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मुद्दे को लेकर मिलने का समय मांगा था, पर एक सप्ताह बाद भी उन्हें समय नहीं दिया गया है जो कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री का अपमान है।

तेजस्वी ने बताया कि उन्होंने भी प्रधानमंत्री को इस मुद्दे पर पत्र लिखा है। जाति जनगणना के मुद्दे पर पक्ष विपक्ष साथ खड़ा नजर आ रहा है। तेजस्वी यादव ने जातिगत जनगणना के विषय पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर केंद्र को इस मुद्दे पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने जातीय जनगणना पर बैठक नहीं कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अपमान किया है, जबकि वह अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं। गौरतलब हो कि इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बैठक करने का अनुरोध किया था।

तेजस्वी ने प्रधानमंत्री को अपने पत्र में लिखा है “जबतक जातिगत जनगणना नहीं होगी, तब तक पिछड़ी, अति पिछड़ी जातियों की शैक्षणिक, सामाजिक, राजनीतिक व अर्थिक स्थिति का न तो सही तौर पर आकलन होगा और नहीं उनकी बेहतरी व उत्थान के लिए समुचित नीति निर्धारण हो पाएगा।”

पार्टी के नेता ने एक संवाददाता सम्मेलन में चेतावनी दी कि अगर नरेंद्र मोदी सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो राज्य के नेता “जंतर-मंतर पर तब तक धरना देंगे जब तक कि उनकी बात नहीं सुनी जाती है।” 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र का जिक्र करते हुए तेजस्वी ने इसे दुखद बताया है कि प्रधानमंत्री ने जवाब भी नहीं दिया। बता दें कि जातीय जनगणना के पक्ष में नीतीश कुमार ने करीब एक हफ्ते पहले पत्र लिखकर प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मुलाकात करने का समय मांगा था।

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