बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के तारीखों का ऐलान कल निर्वाचन आयोग ने कर दिया है। बिहार में चुनाव तीन चरणों मे कराए जाएंगे। पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर, दूसरे चरण के लिए 3 नवंबर और तीसरे चरण के लिए 7 नवंबर को मतदान होगा। नतीजों का ऐलान 10 नवंबर को होगा। राज्य में चुनावों के तारीखों के एलान के साथ ही जनता को लुभाने के लिए वादों और बातों का दौर शुरू हो गया है।
क्या वादे हुए यह बताने से पहले थोड़ा 2015 के चुनावी वादों पर नजर डालते हैं। इस चुनाव में जदयू-राजद साथ थे और प्रचार का जिम्मा उठाया था प्रशांत किशोर की टीम ने।
टीम ने बिहार चुनावों के लिए सात निश्चय योजना तैयार की थी।
इस योजना के तहत हर घर नल का जल, हर गली पक्की सड़क-नाली, अवसर बढ़ें-आगे बढ़े, आर्थिक हल युवाओं को बल, आर्थिक रोजगार-महिलाओं को अधिकार, शौचालय निर्माण-घर का सम्मान, हर घर बिजली लगातार जैसे वादे शामिल थे। इन वादों में कागजों पर ज्यादातर पूरे हो चुके हैं।
इन वादों में सबसे विवादित रहा हर गली पक्की सड़क-नाली का निर्माण और हर घर नल का जल। इन दोनों योजनाओं के विवाद में होने का कारण रहा इनमें होने वाला घोटाला या खराब गुणवत्ता थी।
कहीं उद्घाटन से पहले पानी के टैंक बह गए तो कहीं बनने के कुछ दिनों के अंदर नाली और गली का भी वही हश्र हुआ। इसके अलावा अन्य योजनाओं के नतीजे भी कुछ खास उत्साहवर्धक नही रहे थे। हालांकि सरकार इनके सफल और पूरे होने का दावा करती रही है। इसी बीच अब सात निश्चय पार्ट-2 का ऐलान आगामी चुनावों के मद्देनजर जदयू की तरफ से कर दिया गया है।
‘सात निश्चय-2’ में नौकरी की संभावना को उज्ज्वल करने के लिए युवाओं के कौशल को बढ़ाना, महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनकी उद्यमशीलता को बढ़ावा देना, हरेक खेत को सिंचाई की सुविधा और लोगों तथा पशुओं को अतिरिक्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल होगा। अब देखना है इन निश्चय का क्या हश्र होता है।
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