राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और महागठबंधन दोनो ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों में लगे हुए हैं। हालांकि दोनों ही गठबंधनों के सामने दो चुनौतियां एक जैसी हैं।
पहली टिकट बंटवारे और सीटों को लेकर स्थिति अभी तक स्पष्ट नही है वहीं दूसरी यह कि एनडीए में जदयू-लोजपा के बीच जहां खींचतान जारी है और गठबंधन टूटने के आसार बनें हैं वहीं महागठबंधन में भी सब ठीक नही है।
खबर है कि जीतन राम मांझी के बाद उपेंद्र कुशवाहा भी महागठबंधन के साथ छोड़ने की तैयारी में हैं।
जानकारी के मुताबिक काल रालोसपा सुप्रीमों उपेंद्र कुशवाहा ने आपात बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि इसी बैठक में राजद की अगुवाई वाले महागठबंधन से अलग होने का ऐलान कर सकता है। अलग होने का यह फैसला सीट बंटवारे को लेकर हो रही देरी और राजद द्वारा सहयोगी दलों की अपेक्षा को देखते हुए लिया जा सकता है।
आपको बता दें कि कुशवाहा से पहले हिंदुस्तान आवाम मोर्चा प्रमुख जीतनराम मांझी भी उपेक्षा का आरोप लगा महागठबंधन से अलग हुए थे।
रालोसपा के प्रधान महासचिव आनंद माधव ने कहा के अभी तक टिकट को लेकर के एक बार भी आश्वासन नहीं मिला है। ऐसे में रालोसपा अलग विकल्प देखने के लिए स्वतंत्र है।
अगर रालोसपा कोई अलग विकल्प की तलाश करता है तो इसकी जिम्मेदारी आरजेडी और कांग्रेस की होगी। अब देखना है कल बैठक के बाद क्या ऐलान होता है।
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