बिहार की राजनीति में सोमवार की रात किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही। दिन […]
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जेल से बाहर आने के बाद आज पहली बार पटना पहुंचेंगे लालू, राबड़ी-मीसा भी रहेंगी साथ
लालू यादव को इसी साल 30 अप्रैल को चारा घोटाले मामले में जमानत मिली थी। तभी से वो दिल्ली में अपनी बेटी, राज्यसभा सांसद मीसा भारती के घर पर रह रहे थे। वो 24 अक्टूबर दिन रविवार को अपनी बेटी मीसा और पत्नी राबड़ी देवी के साथ पटना आ रहे हैं। लालू वैसे 20 अक्टूबर को आने वाले थे लेकिन तब डॉक्टरों ने उन्हें यात्रा करने के लिए बिल्कुल माना कर दिया था। उस समय लालू के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने कहा था कि जब डॉक्टर इन्हे यात्रा करने की इजाजत दे देंगे तभी वो पटना आयेंगे।दिसंबर 2017 में पटना से रांची चारा घोटाले में पेश होने गए लालू को सीबीआई ने कोर्ट से ही जेल भेज दिया था, तब से लेकर इस साल अप्रैल 2021 तक जेल में ही रहे। इस बीच साल 2018 के 10 मई को लालू अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की शादी में शामिल होने के लिए पैरोल पर पटना आए थे।
जमानत पर चल रहे लालू को सुशील मोदी ने दी यह सलाह, जानें
लालू प्रसाद यादव इन दिनों जेल से बाहर हैं। वह जमानत पर हैं और दिल्ली स्थित मीसा भारती के आवास पर रह रहे हैं। यूँ तो लालू राजनीति से दूर हैं लेकिन ट्विटर और सोशल मीडिया के जरिये वह राजनीतिक मामलों और मुद्दों पर अपनी राय रखते रहते हैं। खास कर बिहार सरकार पर हमला बोलने का वह कोई मौका नही चूकते हैं। लालू के यह ट्वीट्स और राजनीतिक सक्रियता बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी को पसंद नही आई।
तेजस्वी ने नीतीश को तंज कस दी शुभकामनाएं, पढ़ें क्या कहा
तेजस्वी ने सीएम नीतीश को बधाई देते हुए एक फेसबुक पोस्ट के माध्यम से लिखा,’आदरणीय श्री नीतीश कुमार जी को मुख्यमंत्री ‘मनोनीत’ होने पर शुभकामनाएँ। आशा करता हूँ कि कुर्सी की महत्वाकांक्षा की बजाय वो बिहार की जनाकांक्षा एवं NDA के 19 लाख नौकरी-रोजगार और पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई, सुनवाई जैसे सकारात्मक मुद्दों को सरकार की प्राथमिकता बनायेंगे।’
सुशील मोदी ने फिर तेजस्वी से पूछे यह तीन सवाल, पढ़ें
सुशील मोदी ने ट्वीट के माध्यम से पहले सवाल में पूछा,’जंगलराज के युवराज से सवाल -क्या यह सही नहीं है कि राबड़ी देवी के कार्यकाल में बिहार लोकसेवा आयोग के दो अध्यक्षों (डा.रजिया तबस्सुम, डा.राम सिंहासन सिंह) और दो आयोग सदस्यों ( डा. देवनंदन शर्मा, डा. शिवबालक चौधरी ) को निगरानी जांच में भ्रष्टाचार का दोषी पाये जाने के बाद जेल जाना पड़ा था? क्या पूरा नियुक्ति तंत्र कदम-कदम पर घूसखोरी के दलदल में धँसा हुआ नहीं था?’
रैलियों में जुटी भीड़ पर बहस जारी, जदयू बोली- तेजस्वी भीड़ प्रबंधन कर रहे लेकिन वोट में बदलना मुश्किल
बिहार विधानसभा चुनावों के दूसरे दौर का प्रचार अब थम चुका है। अब दूसरे चरण में मंगलवार को मतदान होगा। इसके अलावा अब दलों और नेताओं का ध्यान तीसरे चरण की सीटों पर हैं। इन सब के बीच एक बहस यह भी है कि रैलियों में जुट रही भीड़ क्या वोट में तब्दील होगी? क्या भीड़ इस बात की परिचायक है कि सत्ता किसके हाथ होगी?
