भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के वरिष्ठ व्यापार सलाहकार पीटर नवारो के हालिया बयानों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा, “हमने नवारो के झूठे और भ्रामक बयान देखे हैं। इन्हें हम स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं।”
दरअसल, ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 50% टैरिफ लगाने के कुछ ही घंटे बाद नवारो ने रूस-यूक्रेन युद्ध को “मोदी का युद्ध” बताया। उनका आरोप था कि भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद ने मॉस्को की सैन्य आक्रामकता को बढ़ावा दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि भारत तेल खरीदना बंद कर दे तो टैरिफ में 25% की कटौती हो सकती है।
नवारो ने भारत पर “क्रेमलिन का लॉन्ड्रोमैट” चलाने और “लाभ कमाने की योजना” का हिस्सा होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि युद्ध से पहले भारत रूस से लगभग कोई तेल नहीं खरीदता था, जबकि अब यह हिस्सा 35% तक पहुँच गया है।
इसके अलावा, उन्होंने जातिवादी टिप्पणी करते हुए कहा कि “भारत में ब्राह्मण जनता की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं।”
नवारो ने प्रधानमंत्री मोदी की रूस और चीन के नेताओं के साथ SCO शिखर सम्मेलन में मुलाकात को भी निशाना बनाते हुए कहा कि मोदी “शी जिनपिंग और पुतिन के साथ खड़े होकर अमेरिका से दूर जा रहे हैं।”
भारत ने इन बयानों को अनुचित बताया और साफ किया कि रूस से तेल खरीदना देश की ऊर्जा सुरक्षा और घरेलू बाजार को स्थिर बनाए रखने के लिए ज़रूरी है।
