प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन पर गृह मंत्री अमित शाह ने एक निजी अनुभव साझा करते हुए उनकी सबसे बड़ी सीख को याद किया। शाह ने बताया कि मोदी जी ने हमेशा संगठन में कार्यकर्ताओं को स्वयं से पहले रखने की शिक्षा दी है, और यही उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है।
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘X’ पर वीडियो साझा करते हुए शाह ने कहा कि एक बार वह मोदी जी के साथ अहमदाबाद से राजकोट की यात्रा पर थे। रात के करीब साढ़े आठ बजे मोदी जी ने सुझाव दिया कि वे सुर्यानगर में एक भाजपा कार्यकर्ता के छोटे से ढाबे पर रुकें। शाह ने सोचा कि सब मिलकर खाना खाएंगे, लेकिन मोदी जी ने केवल फल और कुछ वेफर्स खाए।
बाद में शाह को पता चला कि गाड़ी में बैठे बाकी कार्यकर्ताओं का इंतज़ार हो रहा था। मोदी जी ने अपना भोजन टाल दिया ताकि पहले सभी कार्यकर्ता खाना खा लें।
अमित शाह ने कहा, “उस रात मैंने सीखा कि संगठन में स्वयं से पहले कार्यकर्ताओं का ध्यान रखना चाहिए। विश्वास, अपनापन और समर्पण ही संगठन की आत्मा है, और यही मोदी जी की सबसे बड़ी शिक्षा है।”
उन्होंने आगे जोड़ा कि अब यह सोच उनके काम करने की शैली का हिस्सा बन चुकी है। “जब भी मैं किसी के घर भोजन करता हूं, तो सबसे पहले यह ध्यान रहता है कि सामने वाला और कार्यकर्ता सहज हों। यह संवेदनशीलता मोदी जी से मिली है।”
