बिहार में शराबबंदी पर फिर उठे सवाल, जहरीली शराब से हुई मौतें तो विपक्ष ने बोला हमला

बिहार में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों को लेकर कोहराम मच गया है। इस बीच, नीतीश कुमार सरकार में सहयोगी भाजपा ने भी इस कानून पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।

बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने हाल के दिनों में जहरीली शराब के सेवन से हुई मौतों को लेकर कहा कि राज्य में शराबबंदी कानून को लागू हुए 6 साल बीत चुके हैं और अब इस पर एक बार पुनर्विचार करने की जरूरत हैं।

बिहार भाजपा अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने कहा कि इस कानून पर एक बार पुनर्विचार करने की जरूरत है। शराबबंदी नीतीश कुमार की एक अच्छी पहल है जो अच्छी मंशा से की गई है और महिलाओं के पक्ष में भी है। मेरा मानना ​​है कि इस कानून को बने 6 साल हो चुके हैं और इस कानून की सफलता और विफलता पर विचार किया जाना चाहिए।

डॉ. संजय जायसवाल ने बिहार में शराबबंदी कानून का पर्दाफाश करते हुए कहा कि पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत से राज्य में शराब माफिया सक्रिय है, जिससे राज्य में यह कानून फेल हो गया है।

उन्होंने आगे बताया कि जहां पुलिस सख्ती से काम कर रही है, वहीं कुछ घटनाएं स्थानीय स्तर पर तीसरे नंबर पर किए जा रहे काम की वजह से हो रही हैं। मेरे लोकसभा क्षेत्र की स्थिति भयावह है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से शराब का काम चल रहा है।

आपको बता दें कि पिछले 15 दिनों में मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण और समस्तीपुर में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद बिहार में शराबबंदी कानून को लेकर विपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हमला बोल रहा है।

ऐसे में बिहार में शराबबंदी कानून पर फिर से विचार करने की भाजपा की ओर से उठाई गई मांग आने वाले दिनों में नीतीश सरकार के लिए कांटे की तरह साबित हो सकती है। 

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