दिल्‍ली में 17 नवंबर से शराब महंगी हो जाएगी? ठेकों पर लग रहीं लंबी-लंबी लाइनें क्‍या बताती हैं

दिल्ली में शराब की दुकानों पर अब तक सरकारी एजेंसियों का वर्चस्व रहा है, जिसके परिणामस्वरूप पड़ोसी राज्यों की तुलना में उत्पाद की कीमत अपेक्षाकृत कम है। नई आबकारी नीति के तहत 17 नवंबर से निजी दुकानें खुलने से त्योहारी सीजन के बीच दिल्ली में शराब की कीमतें बहुत जल्द बढ़ने की संभावना है।

बिहार में शराबबंदी पर फिर उठे सवाल, जहरीली शराब से हुई मौतें तो विपक्ष ने बोला हमला

बिहार में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों को लेकर कोहराम मच गया है। इस बीच, नीतीश कुमार सरकार में सहयोगी भाजपा ने भी इस कानून पर पुनर्विचार करने की मांग उठाई है।

मांझी ने लिया शराब का पक्ष, सत्ता बदलने की अटकलें होने लगी जारी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा(हम) पार्टी के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने अवैध शराब को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरते हुए शराबबंदी में कहीं ना कहीं कमी होने की बात कही और इस कानून की समीक्षा की मांग की।

जो तनख्वाह नही दे पाए वो रोजगार क्या देंगे-सीएम नीतीश

इसी क्रम में बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए न सिर्फ अपनी उपलब्धियां गिनाईं बल्कि यह भी कहा कि कौन उनके बारे में क्या कहता है वह नोटिस नही करते हैं।

चिराग बोले- शराबबंदी के नाम अपर युवाओं को तस्कर बनाया जा रहा

चिराग ने शराबबंदी पर सवाल उठाते हुए हैशटैग असंभव नीतीश का प्रयोग किया और लिखा,’शराबबंदी के नाम पर बिहारीयों को तस्कर बनाया जा रहा है।

बिहार- शराब के बाद अब गाँजे के सेवन में ‘बदनाम’ हुए चूहे, अजब पुलिस की गजब कहानी

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद कई ऐसे मामले सामने आए थे जब कहा गया था कि थाने में जब कर रखी गई शराब चूहे चट कर गए। बिहार पुलिस के इस मासूमियत भरे जवाब पर तब बड़ी जगहंसाई हुई थी। अब ऐसा ही एक मामला गाँजे को लेकर सामने आया है।

बड़ी खबर- बिहार के इस जिले से फिर जब्त हुई 30 लाख की शराब

बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बीच भी इसकी तस्करी का खेल बदस्तूर जारी है। चुनावी सुगबुगाहट के बीच तेज हुई पुलिसिया कार्रवाई में हर दिन किसी न किसी जिले से अवैध शराब के जब्त होने का मामला लगातार सामने आते रहा है। इसी क्रम में आज पहली जब्ती जहां बाँका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र में हुई वहीं अब दूसरी बड़ी खेप की बरामदगी की खबर सुपौल से आ रही है।

बिहार- बाँका पुलिस की बड़ी सफलता, एम्बुलेंस से बरामद हुई शराब

बिहार का बाँका जिला मानो शराब तस्करों का गढ़ बन गया है। राज्य में पूर्ण शराबबंदी के बाद से झारखंड से सटे इस जिले के मार्गों से लगातार शराब का बरामद होने तो कुछ इसी तरफ इशारा करता है। आज एक बार फिर बिहार के बाँका जिले की बौंसी थाना पुलिस ने बड़ी संख्या में शराब बरामद किया है। शराब की यह खेप झारखंड से बिहार लाई जा रही थी।

काहे की शराबबंदी जब हर तीन मिनट में बरामद होती है एक लीटर शराब और हर 10 मिनट में होती है एक गिरफ्तारी?

कुल 50,63,175 लीटर शराब बरामद की गई। 1 अप्रैल 2016 से लेकर 31 मार्च 2019 तक के आंकड़े बताते हैं कि हर तीन मिनट में एक लीटर शराब बरामद की गई जबकि हर दस मिनट में एक व्यक्ति इस कानून के उल्लंघन के मामले ने जेल भेजा गया। इसी कानून के पालन में लापरवाही बरतने के मामले में 430 पुलिस कर्मियों पर भी करवाई की गई। इनमे से 56 पुलिस कर्मी बर्खास्त तक किये गए।

शराबबंदी के दो साल लेकिन इन दो सवालों का नही है कोई जवाब

यह फैसला उचित और समाज हित मे है लेकिन इस फैसले के बाद जो शराबी जेल में बंद है( संख्या एक लाख से ज्यादा है) उनके परिवार की खुशी का क्या?