संसद में सरकार और विपक्ष के बीच चल रहा गतिरोध को खत्म नहीं होता देख मानसून सत्र का 12वां दिन भी शोरगुल में ही बिता। सदन शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के जमकर नारेबाजी करने के बीच लोकसभा में सभापति को कुर्सी से खड़े होकर हंगामा शांत करने की अपील करनी पड़ी। विपक्षी सांसद पेगासस जासूसी कांड और किसानों की मांग को लेकर लगातार सदन में नारेबाजी कर पोस्टर लहरा रहे थे।
चेयर के सामने भी पोस्टर लहराए गए। कार्यवाही बुधवार सुबह 11 बजे तक स्थगित होने के बाद सुबह 11:30 बजे जब दूसरी बार शुरू हुई तो चेयर पर राजेंद्र अग्रवाल थे। कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा होने लगा जिसे देखते हुए राजेंद्र अग्रवाल विपक्षी सांसदों को समझाने की कोशिश में अपनी सीट से खड़े हो गए।
उन्होंने कहा, ”माननीय सदस्यगण, पहले ही संसद की मर्यादा भंग हो रही है, उसकी कुछ सीमा भी होती है। चेयर के आगे प्लेकार्ड लाना बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। आप प्लेकार्ड लहरा रहे हैं, नारे लगा रहे हैं, वेल में आ रहे हैं। आप ऐसा कुछ मत कीजिए कि चेयर को कार्रवाई करनी पड़े। प्लीज़ पुट इट डाउन, प्लीज़ पुट इट डाउन।”
उन्होंने चेयर के खड़े होने का हवाला भी दिया कि ”यदि सभापति या अध्यक्ष जी चेयर पर खड़े हुए हैं तो आप थोड़ा पीछे हटिए। मर्यादा के उल्लंघन की सीमा को मत स्पर्श कीजिए, ये उचित नहीं है। आप सीट पर जाइए। इसको नीचे कीजिए। ये स्वीकार्य नहीं है।”
हालांकि चेयर से खड़े होकर लोकसभा सभापति की इस अपील का भी विपक्षी सांसदों पर कोई असर नहीं हुआ और हंगामा जारी रहा।
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