राकेश अस्थाना को रिटायरमेंट से तीन दिन पहले दिल्ली का पुलिस आयुक्त नियुक्त किए जाने के मामले में गरमाई सियासत में दिल्ली विधानसभा में गुरुवार को इस नियुक्ति पर चर्चा हुई।
बाद में दिल्ली विधानसभा ने अस्थाना की दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के तौर पर नियुक्ति के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया है और गृह मंत्रालय से नियुक्ति वापस लेने को कहा है। सदन में दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस नियुक्ति पर सवाल खड़े करते बरसते हुए कहा कि “नेता विपक्ष की बात से साफ हो गया कि दिल्ली में अबतक जितने भी पुलिस कमिश्नर नियुक्त हुए हैं, वे सब नाकारे और निकम्मे थे। केंद्र में सरकार बनाए 7 साल हो गए हैं कम-से-कम एक अफसर ढंग का नियुक्त करना था।
दिल्ली में पुलिस का निकम्मापन जानबूझकर किया गया है। नव नियुक्त पुलिस कमिश्नर ने एक पार्टी के दामाद के खिलाफ कार्रवाई की, लेकिन कौन-सी कार्रवाई की यह किसी को नहीं पता है?”
मंत्री जैन ने आगे कहा, ” ‘दामाद जी’ के खिलाफ कार्रवाई के गीत गाए जा रहे हैं। अगर दम है तो करके दिखाओ। ‘दामाद जी’ उल्टा टांग देंगे। ये ‘दामाद जी’ का गाना गाते फिरते हैं, जिस दिन कार्रवाई कर दी उस दिन ‘दामाद जी’ बीजेपी को उल्टा टांग देंगे। दरअसल, भाजपा और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों मिलकर जनता को बेवकूफ बनाते हैं।
अगर दम है तो कहो अपने आकाओं से ‘दामाद जी’ के खिलाफ कार्रवाई करें, क्योंकि जिस दिन ‘दामाद जी’ जेल जाएंगे, उससे पहले आपकी सरकार गिर जाएगी।” उनका यह निशाना भाजपा की ओर रहा।
उन्होंने आगे कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने रूलिंग दी है कि अगर डिरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के लेवल पर नियुक्ति होगी तो उसका टेन्योर 6 महीने बचा होना चाहिए, जबकि, राकेश अस्थाना का टेन्योर चार दिन बचा हुआ था और एक्सटेंशन बाद में दी गई। यह गड़बड़झाला करके बेईमानी की है, लेकिन यह गड़बड़ चलेगी नहीं। केंद्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का उल्लंघन नही करना चाहिए।”
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