नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में रचा इतिहास, भारत को मिला पहला गोल्ड मेडल

नीरज चोपड़ा टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बन इतिहास रच गए हैं। उन्होंने 87.58 मीटर जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) के साथ भारत की झोली में पहला स्वर्ण पदक डाला है। नीरज ने अपने पहले प्रयास में 87.03 मीटर, दूसरे में 87.58 और तीसरे प्रयास में 76.79 मीटर भाला फेंका, जबकि चौथे और 5वें अटैम्प्ट में फाउल थ्रो किया। छठे अटैम्प्ट में उनका भाला 84.24 मीटर दूर गया।

नीरज ने क्वालिफाइंग राउंड में 86.65 मीटर थ्रो किया था और क्वालिफाइंग के ग्रुप ए और ग्रुप बी को मिलाकर पहले नंबर पर रहे थे। प्रतिस्पर्धा में 86.67 मीटर थ्रो के साथ चेक के जाकुब वेदलेच दूसरे और 85.44 मीटर के थ्रो के साथ चेक के ही वितेस्लाव वेसेली तीसरे स्थान पर रहे। नीरज चोपड़ा की इस जीत के साथ भारत के टोक्यो ओलंपिक में 7 पदक हो गए हैं जो किसी एक ओलंपिक खेल में सबसे अधिक पदक लाने का देश का नया रिकॉर्ड है। ओलंपिक 2012 में भारत की झोली में 6 पदक थे। साथ ही नीरज ओलंपिक के व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण जीतने वाले केवल दूसरे खिलाड़ी बने हैं। इससे पहले अभिनव बिंद्रा को बीजिंग ओलंपिक 2008 के 10 मीटर राइफल शूटिंग में स्वर्ण पदक मिला था।

2016 में नीरज ने पोलैंड में U-20 विश्व चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था। उन्होंने गोल्ड कोस्ट में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में 86.47 मीटर के जैवलिन थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया तो 2018 में एशियाई खेलों में भी 88.07 मीटर तक जैवलिन थ्रो कर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था और स्वर्ण पदक के हकदार बने। यह उनका पर्सनल बेस्ट है। साउथ एशियन गेम्स और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप में भी उन्होंने स्वर्ण ही जीता है।

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