भारत चीन सीमा विवाद के बीच जब खुफिया एजेंसियों ने एक चीनी नागरिक सहित दो अन्य को जासूसी के मामले में गिरफ्तार किया तो हड़कंप मच गया था। इन तीन में एक चीनी नागरिक, एक नेपाली नागरिक और एक भारतीय पत्रकार शामिल थे।
तिहाड़ जेल में बंद इन तीनों ने पुलिस की पूछताछ में जो खुलासे किए हैं वह हैरान करने वाले हैं। जानकारी के मुताबिक इन जासूसों की नजर पीएमओ सहित कई मंत्रालयों पर थी।
जासूसी के लिए खास किस्म के उपकरण सहित हर छोटी बड़ी जानकारी का इस्तेमाल किया जा रहा था। जासूसों के निशाने पर मंत्रालयों में तैनात अधिकारी भी थे। जासूस यह तक जानकारी जमा करने में लगे थे कि मंत्रालय और पीएमओ में कौन सा अधिकारी किस पद पर है और वह कितना प्रभावशाली है। इन्हें ऐसा करने के आदेश चीन से सीधे तौर पर मिल रहे थे।
ख़बरों के मुताबिक पूछताछ में चीन के इस जासूसी नेटवर्क में महाबोधी मंदिर के एक प्रमुख बौद्ध भिक्षु और कोलकाता की एक प्रभावशाली महिला के शामिल होने की बात भी सामने आ रही है।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पीएमओ और मंत्रालयों के अलावा दलाई लामा की भारत मे गतिविधियों और उनसे जुड़ी जानकारी पर भी नजर रखी जा रही थी।
गौरतलब है कि इस मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सितम्बर में क्विंग शी के साथ उसके नेपाली साथी शेर बहादुर और भारतीय पत्रकार राजीव शर्मा को गिरफ्तार किया था। तीनों इस वक्त तिहाड़ जेल में बंद हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारी होने की आशंका है।
