कृषि कानून का विरोध पूरे देश में जारी है. इसे लेकर देश भर में किसानों और विपक्षी पार्टियों ने देश भर में चक्का जाम किया हुआ है. वहीँ आज सुबह दिल्ली में राजपथ के पास युथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने इस क़ानून के विरोध में ट्रेक्टर में आग लगा दी. हालांकि समय रहते ही फायर ब्रिगेड को बुलाकर आग पर काबू भी पा लिया गया. इस सिलसिले में पुलिस ने युथ कांग्रेस के 3 लोगों को हिरासत है और बाकि कार्यकर्ताओं की पहचान की जा रही है. कोरोना महामारी के चलते दिल्ली में इंडिया गेट और आस पास के वीआईपी इलाकों में धारा 144 लागू है और लोगों को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है.
दो हफ़्तों से चल रहे किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कृषि विधेयकों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के साथ ही इन विधेयकों ने क़ानून का रूप ले लिया है. राजपथ पर आगजनी की इस घटना को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ‘कांग्रेस का नाटक’ करार दिया है। उन्होंने कहा की कांग्रेस किसानों को भड़काने का काम कर रही है.
वहीँ कृषि कानून के विरोध में NDA से अलग हुई शिरोमणि अकाली दल हरियाणा-पंजाब में इसका पुरज़ोर विरोध कर रही है. राष्ट्रपति के इस बिल को मंज़ूरी देने के फैसले को सुखबीर सिंह बादल ने किसानो के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने कहा की राष्ट्रपति को फिर से एक बार इसपर विचार करना चाहिए.
उन्होंने कहा, “हम काफी आशांवित हैं कि माननीय राष्ट्रपति इन बिलों को दोबारा विचार करने के लिए संसद में लौटाएंगे. यह मांग अकाली दल और कुछ विपक्षी पार्टियों की है.” इससे पहले अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिला था और कृषि बिल को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया था.
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