मोदी और राहुल के बीच हैं कई बड़े अंतर, पढ़ें

राहुल गांधी और पीएम मोदी की तुलना अक्सर एक दूसरे से की जाती है। दोनो ही बड़े नेता हैं। दोनो ही अपने अपने दलों के सर्वमान्य नेता हैं। इसके बावजूद कहीं न कहीं दोनो में कुछ मसलों को लेकर एक बड़ा अंतर जरूर है।

क्या मोदी के खिलाफ राहुल से बढ़िया विकल्प बन सकती थी प्रियंका ?

पर्दे के पीछे सोनिया के अध्यक्ष रहते या अब राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद कई अहम मौकों पर प्रियंका ने कमान संभाली है।

राहुल का राजनीतिक भविष्य

2018 में तीन राज्यों में कांग्रेस को बेशक जीत मिली हो और अध्यक्ष के तौर पर राहुल श्रेय ले भी रहे हैं लेकिन इसके बावजूद यहां समझने की जरूरत है कि यह नतीजे कांग्रेस की जीत के नही हैं

बीजेपी ने लोकसभा के लिए खेला सबसे बड़ा दांव, कांग्रेस में हड़कंप

2019 लोकसभा की बात करें तो कांग्रेस अलग थलग है लेकिन दम्भ भर रही है, वहीं क्षेत्रीय दल भी सत्ता के शीर्ष पर पहुंचने का ख्वाब बुन रहे हैं।

अजब राजनीति की गजब कहानी, कांग्रेस की यह अकड़ है पुरानी

परिवारवाद का आरोप लगता आया है। घोटाले के आरोप लगे। आपातकाल कांग्रेस के ही शासनकाल में लगा, सिख विरोधी दंगे हुए। इंदिरा और राजीव ने अपनी जान गंवाई। इसके बावजूद आज अगर यह पार्टी खड़ी है और सिमटती नजर आने के बावजूद बीजेपी को टक्कर देने का दम्भ भरती नजर आ रही है तो यकीन मानिए कुछ तो खास इसमे जरूर है।

इन वजहों से डूबी बीजेपी की नाव, पढ़ें

सत्ता के खिलाफ एन्टी इंकमबेंसी, मोदी की आरक्षण के खिलाफ नीति, स्वर्ण विरोधी नीति कहना ज्यादा जायज है। इसके अलावा किसानों की दुर्दशा, बेरोजगारों की आशा और युवाओं का पलायन।

दिसंबर जाते-जाते 2019 से पहले बीजेपी या कांग्रेस किसको गम और किसको खुशी देगा, पढ़ें

बीजेपी और कांग्रेस दोनो के लिए यह चुनाव नाक का सवाल थे। 2019 से पहले इसे सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा था। इन चुनावों में सत्ता विरोधी लहर के हावी होने की संभावना प्रबल थी। यह नजर भी अब आ रही है।

क्या भारत मे भी बन रहे हैं फ्रांस जैसे हालात, पढ़ें

सरकार द्वारा लागू किये गए टैक्स के विरोध में हज़ारों लोग एकदम से जुट गए और देखते ही देखते हालात बिगड़ने लगे। स्थिति यहां तक पहुंच गई कि सरकार को 500 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेना पड़ा।

एमपी और राजस्थान में अगर इन दो नेताओं के भरोसे होती कांग्रेस तो होता जबरदस्त फायदा

कांग्रेस की तरफ से जहां मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया प्रचार की अगुवाई कर रहे हैं वहीं राजस्थान में सचिन पायलट के भरोसे कांग्रेस नजर आ रही है। हालांकि अभी तक किसी भी नेता को कांग्रेस ने सीएम का दावेदार घोषित नही किया है।

एक ऐसा राज्य जहां चुनाव आयोग से ज्यादा किसी अन्य संगठन की चलती है, सब सुनते और मानते भी हैं

चुनावों में अहम भूमिका निभाने वाले संगठन का नाम है मिजोरम पीपुल्स फोरम। यह संगठन राज्य के सबसे बड़े चर्च संगठन सीनाड का प्रतिनिधि है।