भारत

जिस राज्य की आबादी और अर्थव्यवस्था में छाया है बिहार, वहाँ क्यों हो रहा अत्याचार ?

पीएम गुजराती हैं और पूर्वांचल से सांसद हैं जहां के लोग आज उनके राज्य में पीटे और खदेड़े जा रहे हैं। ऐसे में उन्हें तत्काल इसपर संवाद करने की जरूरत है। इसके अलावा अल्पेश ठाकोर जिनपर इस हिंसा को भड़काने का आरोप है और जो बिहार कांग्रेस के सह प्रभारी हैं उनपर कार्रवाई होनी चाहिए।

Advertisements
राजनीति

क्या यूपी की राजनीति में आएगा नया मोड़, इस बड़े नेता पर डोरे डाल रही बीजेपी

केशव ने शिवपाल सिंह यादव को ऑफर देने के लहजे में बोलते हुए कहा कि शिवपाल चाहें तो बीजेपी में अपने दल का विलय कर लें।

राजनीति

अकेले मोदी कहाँ-कहाँ से लड़ेंगे चुनाव?

पीएम मोदी 2019 के लोकसभा चुनाव कहाँ से लड़ेंगे? इस सवाल का जवाब न तो अभी बीजेपी की तरफ से आधिकारिक रूप से दिया जा रहा है न कभी पीएम ने इस बात की कहीं कोई चर्चा की है कि वह बनारस से ही लड़ेंगे या अपना चुनावी क्षेत्र बदलेंगे। ऐसे में अनुमान और आकलन ही किया जा सकता है।

राजनीति

क्या राज ठाकरे की राह चलना चाहते हैं अल्पेश, नीतीश मौन

हमलों का आरोप लगा है गुजरात के विधायक अल्पेश ठाकोर और उनकी ठाकोर सेना पर। इस सेना के हमलों के बाद स्थानीय मकान मालिक जहां बिहार-यूपी के लोगों से मकान खाली करा रहे हैं वहीं डर की वजह से उत्तर भारतीय लोग भी बड़ी संख्या में पलायन को मजबूर हैं।

राजनीति

बीजेपी के दो चेहरे, एक हिन्दू तो दूसरा बड़ा मुस्लिम नेता, दोनों तटस्थ, पढ़ें

एक कहावत है कि जब जहाज डूबने लगता है तो सबसे पहले चूहे जहाज को छोड़ते हैं। यह कहानी राजनीति में शत प्रतिशत सही साबित होती है। यह कहानी न सिर्फ उदय और अस्त होने की है बल्कि यह कहानी दोस्ती और दुश्मनी भुलाकर राजनीतिक लाभ-हानि के लिए पाले बदलने पर भी लागू होती है। […]

राजनीति

अमित शाह के दो बयान, दोनों खास लेकिन इन मुद्दों पर क्यों हैं चुप ?

बीजेपी अध्यक्ष देश मे कई ज्वलंत मुद्दों और बढ़ते विरोध के बावजूद पूरे जोश और उत्साह के साथ निश्चिन्त स्थिति में नजर आ रहे हैं। कम से कम उनके हालिया बयानों को देखें और सुनें तो ऐसा ही लग रहा है। इसके अलावा यह भी समझ आता है कि कहीं न कहीं यह कार्यकर्ताओं और […]

राजनीति

दलितों और सवर्णों के भारत बंद के बीच यह रहा सबसे बड़ा अंतर

एससी/एसटी एक्ट को लेकर इन दिनों भारत की राजनीति में बवाल मचा हुआ है। एक वर्ग सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदलवाने के लिए अड़ा हुआ था तो वहीं दूसरे वर्ग ने अब सरकार के अध्यादेश के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। अब दलितों के बाद सवर्ण समाज की बारी थी। इस वर्ग की मांग […]