देश के प्रथम राष्ट्रपति डाॅ राजेंद्र प्रसाद की पोती शारदा सहाय का 83 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है।

उन्होंने मंगलवार को 3 बजकर 20 मिनट पर भागलपुर स्थित आवास में अंतिम सांस ली। वह शहर के प्रमुख कायस्थ परिवार व सूर्य भवन निवासी श्याम कृष्ण सहाय की पत्नी थीं। छह सितंबर 1938 को जन्मी शारदा सहाय के पिता का नाम जर्नादन प्रसाद वर्मा था।

राजेन्द्र प्रसाद के बड़े भाई महेंद्र प्रसाद उर्फ महेन्द्र प्रताप के पुत्र जर्नादन प्रसाद की दूसरी पुत्री शारदा सहाय थीं। 1959 तक वह राष्ट्रपति भवन में रहीं जिससे उनका अधिकांश समय राष्ट्रपति भवन में बीता। दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस काॅलेज से राजनीति शास्त्र से स्नातक तक उनकी पढ़ाई हुई थी।

राष्ट्रपति राजेंद्र बाबू ने पोती का स्नातकोत्तर राजनीति विज्ञान विभाग, भागलपुर विश्वविद्यालय में नामांकन कराया था लेकिन वह मात्र छह महीने ही पढ़ाई कर सकी थीं।

यह नामांकन उन्होंने तीन बच्चों संजय सहाय, अजय सहाय, पुत्री शालिनी के होने के बाद कराया था जिसके कारण पारिवारिक जिम्मेदारियों से वह न तो पढ़ाई पूरी कर पाई और न ही परीक्षा दे पाईं।

उनकी शादी मुक्तेश्वर प्रसाद के बेटे श्याम कृष्ण सहाय से हुई थी। राजेंद्र प्रसाद पोती सहित अन्य परिजन के साथ तकली से खादी के कपड़े के लिए धागा बनाते एवं चरखा चलाते थे।

उन्हीं के निकालें सूत से तैयार साड़ी को हल्दी में रंगा गया था जिसे पहनकर शारदा सहाय की शादी हुई थी

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