अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद पहली बार तालिबान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें देश की शासन के जुड़े कई सवालों के जवाब दिए गए, साथ ही संगठन के इरादों को भी सामने रखा गया।
तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहउल्ला मुजाहिद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है और अपने नेता के आदेश के आधार पर उन्होंने सभी को माफ कर दिया है।
मुजाहिद ने यह भी कहा कि जल्द ही मामला निपटा लिया जाएगा और देश में इस्लामिक सरकार का गठन किया जाएगा। प्रवक्ता के अनुसार काबुल की सुरक्षा में लगातार सुधार देखा जा रहा है क्योंकि उनके सुरक्षाबल अलग-अलग जगहों पर तैनात हैं।
मुजाहिद ने कहा कि उन्होंने 20 साल के संघर्ष के बाद अपने देश अफगानिस्तान को विदेशी ताकतों से आजाद कराया है। इतना ही नहीं, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को भरोसा दिलाया कि अफगानिस्तान में किसी को नुकसान नहीं होगा और विदेशी दूतावासों की सुरक्षा उनके लिए अहम हैं जिससे कि दूतावास पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
मुजाहिद ने कहा कि काबुल के बाहरी इलाके में पहुंचने के पहले दिन उन्होंने अपनी सेना को शहर में प्रवेश करने से रोक दिया, लेकिन कुछ लोगों ने स्थिति का दुरुपयोग किया और लोगों को लूटने का प्रयास किया।
उनका कहना है कि हालांकि अब लोग यह महसूस कर सकते हैं कि वे सुरक्षित रहेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता द्वारा यह 10 बड़ी बातें कही गईं :-
अफगानिस्तान का यह वादा है कि उससे किसी देश को कोई खतरा नहीं होगा,
अफ़गानों को लोगों के मूल्यों से मेल खाने वाले नियमों को लागू करने का अधिकार है; इसलिए, अन्य देशों को इन नियमों का सम्मान करना चाहिए,
इस्लाम के आधार पर महिलाओं को उनके अधिकार प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ऐसे में महिलाएं स्वास्थ्य क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में जहां जरूरत हो वहां काम कर सकती हैं। उनके साथ कोई भेदभाव नहीं होगा और आगे की बातें शरिया कानून के मुताबिक की जाएंगी,
देश की अर्थव्यवस्था और लोगों की आजीविका में सुधार होगा,
सभी मीडिया संस्थान अपनी गतिविधियां तीन सुझावों के साथ जारी रख सकेंगे जिसमें कोई भी प्रसारण इस्लामी मूल्यों के विपरीत नहीं होना चाहिए, उन्हें निष्पक्ष होना चाहिए, किसी को भी ऐसा कुछ भी प्रसारित नहीं करना चाहिए जो राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हो,
तालिबान ने सभी को माफ कर दिया है और पूर्व सैन्य सदस्यों और विदेशी बलों के साथ काम करने वालों सहित किसी से भी बदला नहीं लेंगे,
अशरफ गनी की यानी पिछली सरकार को अयोग्य करार दिया गया जो किसी को सुरक्षित नहीं रख सकती थी, तालिबान सबको सुरक्षा देगा जिससे कोई किडनैपिंग, जानलेवा हमला नहीं होगा या घर की तलाशी नहीं ले सकेगा,
तालिबान की प्राथमिकता कानून व्यवस्था बनाने की है जिसके बाद लोग शांति से रह सकें,
इसके अलावा तालिबान सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तरफ से उनकी सरकार को मान्यता दी जानी चाहिए।
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