बिहार विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में आज मतदान होना हैं इसके लिए प्रचार का शोर रविवार शाम थम गया था लेकिन नेता सोशल मीडिया के जरिये न सिर्फ जनता तक अपनी बात पहुंचा कर वोट देने की अपील करते नजर आए बल्कि एक दूसरे पर आरोपों के तीर चलाते भी दिखे। इसी क्रम में तेजस्वी और लालू परिवार पर हमलावर सुशील मोदी ने एक बार फिर तेजस्वी से तीन सवाल पूछे हैं।

सुशील मोदी ने ट्वीट के माध्यम से पहले सवाल में पूछा,’जंगलराज के युवराज से सवाल -क्या यह सही नहीं है कि राबड़ी देवी के कार्यकाल में बिहार लोकसेवा आयोग के दो अध्यक्षों (डा.रजिया तबस्सुम, डा.राम सिंहासन सिंह) और दो आयोग सदस्यों ( डा. देवनंदन शर्मा, डा. शिवबालक चौधरी ) को निगरानी जांच में भ्रष्टाचार का दोषी पाये जाने के बाद जेल जाना पड़ा था? क्या पूरा नियुक्ति तंत्र कदम-कदम पर घूसखोरी के दलदल में धँसा हुआ नहीं था?’

तेजस्वी से दूसरा सवाल पूछते हुए सुशील मोदी ने लिखा,’जंगलराज के युवराज से सवाल – क्या यह सही नहीं कि वर्ष 2002 में बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष देवनंदन सिंह को व्याख्याता  बहाली के दौरान इंटरव्यू में मार्क्स की हेराफेरी करने का दोषी पाया गया और उन्हें जेल जाना पड़ा था? क्या लालू राज में पढ़े-लिखे बिहारी युवाओं की नौकरी का हक नहीं छीना गया?’

अपने तीसरे सवाल में सुशील मोदी ने पूछा,’जंगलराज के युवराज से सवाल – 1997 में राबड़ी सरकार ने डा. ( प्रो.) लक्ष्मी राय जैसे व्यक्ति को बिहार लोकसेवा आयोग का अध्यक्ष क्यों बनाया, जो मेधा घोटाला का अभियुक्त था और जिसे अध्यक्ष पद पर रहते हुए जेल जाना पड़ा? राजद सरकार ने नौकरी देने के नाम पर भी भ्रष्टाचार को संस्थागत बनाया।’

आपको बता दें कि यह कोई पहला मौका नही है जब सुशील मोदी ने लालू-राबड़ी शासनकाल को लेकर तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। इससे पहले वह लगातार पिछले कुछ दिनों से तेजस्वी यादव से लालू-राबड़ी शासनकाल को लेकर सवाल पूछते रहे हैं।

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