बिहार विधानसभा चुनावों के लिए हर दल ने अपनी तरफ से पूरी ताकत झोंक रखी है। तमाम मुद्दों के साथ निजी हमले भी किये जा रहे हैं। आरोप-प्रत्यारोप के साथ उपलब्धियों और नाकामियों की एक लंबी फेहरिस्त भी इसमें शामिल है। इसी क्रम में आज पीएम द्वारा गुजरात के केवड़िया में पुलवामा हमले के जिक्र के बाद अब एक बार फिर यह मुद्दा गरमाता दिख रहा है।

दरअसल पीएम ने गुजरात के केवड़िया में पुलवामा हमले पर हुई राजनीति पर दुख व्यक्त किया। इसके साथ ही पीएम ने उन लोगों को पाकिस्तानी मंत्री फवाद चौधरी के कबूलनामे को सुनने और समझने की बात भी कही। ऐसे में साफ है कि बीजेपी अब विपक्षी दलों को इसी मुद्दे पर घेरते हुए नजर आ सकती है।


खास बात यह है कि नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने से लेकर अब तक उनके कार्यकाल में राष्ट्रवाद एक अहम मुद्दा रहा है। बीजेपी को इसका काफी लाभ भी मिला है। इसके अलावा पाकिस्तान को लेकर मोदी सरकार की सख्ती और उरी हमले के बाद पहले सर्जिकल स्ट्राइक और बाद में पुलवामा का बदला एयर स्ट्राइक के माध्यम से लिया गया था। ऐसे में इन मसलों पर हुई राजनीति को लेकर पीएम का बयान अहम है।


माना जा रहा है कि अब बीजेपी हर राज्य में इस मुद्दे को उठायेगी। पीएम का बयान ऐसे वक्त में आया है जब बिहार में दो चरणों के लिए मतदान होंने हैं। इसके अलावा बिहार के बाद पश्चिम बंगाल में बीजेपी चुनावी तैयारियां जोर शोर से कर रही है। हाल ही में जेपी नड्डा बंगाल के सिलीगुड़ी पहुंचे थे वहीं अब अमित शाह के बंगाल दौरे की तैयारी है। ऐसे में देखना है कि इस मुद्दे पर बीजेपी को कितना समर्थन मिल पाता है।

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