अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर रूस से सस्ते तेल खरीदने को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने भारत को “टैरिफ का महाराजा” कहते हुए आरोप लगाया कि यह एक “मुनाफाखोरी योजना” है, जिससे रूस को फंडिंग मिल रही है। नवारो ने कहा कि 27 अगस्त से भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लागू होगा, जिसमें 25% अतिरिक्त शुल्क रूसी तेल व्यापार के कारण जोड़ा गया है।
“भारत को तेल की जरूरत नहीं है, यह सिर्फ रिफाइनिंग प्रॉफिट शेयरिंग स्कीम है, रूस के लिए मनी लॉन्ड्रिंग।” — नवारो ने कहा। उनका दावा है कि भारत, रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदता है और यूरोप, अफ्रीका व एशिया में उसे महंगे दामों पर बेचता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जवाब में कहा, “हम हैरान हैं, क्योंकि अमेरिका खुद हमें वैश्विक ऊर्जा बाजार स्थिर करने के लिए रूसी तेल खरीदने को कहता रहा है।”
भारत की ऊर्जा जरूरतों के चलते रूस से तेल आयात 2020 में 1.7% से बढ़कर 2024-25 में 35% तक पहुंच गया है। इसके बावजूद अमेरिका ने चीन—जो रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है—के खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है।
नवारो ने साथ ही भारत पर चीन से नजदीकियां बढ़ाने का आरोप भी लगाया। भारत और चीन हाल ही में सीमा विवाद सुलझाने के संकेत दे चुके हैं।
