विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। यह बैठक तब हुई जब अमेरिका की ट्रंप सरकार ने भारत पर रूस से तेल खरीद को लेकर 50% टैरिफ लगाने का एलान किया है। मुलाकात से कुछ घंटे पहले जयशंकर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी व्यापक बातचीत की थी।
बैठक का मुख्य फोकस भारत-रूस व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने पर रहा। जयशंकर ने कहा, “द्वितीय विश्व युद्ध के बाद भारत-रूस संबंध दुनिया के सबसे स्थिर और मजबूत रिश्तों में से एक रहे हैं।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत और रूस के बीच भू-राजनीतिक समझ, नेतृत्व स्तर पर निरंतर संवाद और दोनों देशों की जनता के बीच आपसी भावना इस रिश्ते की प्रमुख ताकत हैं।
एस. जयशंकर तीन दिवसीय रूस दौरे पर हैं, जहां उन्होंने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग (IRIGC-TEC) की 26वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की और मॉस्को में इंडिया-रशिया बिजनेस फोरम को भी संबोधित किया।
अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर दबाव बढ़ाए जाने के बीच यह दौरा खासा अहम माना जा रहा है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए स्वतंत्र नीति अपनाएगा।
