चीन के विदेश मंत्री वांग यी आज दो दिवसीय भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचेंगे। इस अहम यात्रा में वह शाम 6 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात करेंगे, जबकि मंगलवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ सीमा वार्ता के लिए स्पेशल रिप्रेजेंटेटिव डायलॉग में हिस्सा लेंगे।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब गलवान घाटी में 2020 की झड़पों के बाद दोनों देशों के संबंध तनावपूर्ण रहे हैं। हालांकि फौजी टकराव के बिंदुओं से सैनिकों को पीछे हटाया गया है, लेकिन पूर्वी लद्दाख में अब भी 50,000 से 60,000 सैनिक तैनात हैं।
भारत और चीन के बीच इस वार्ता में मुख्य मुद्दों में शामिल हैं:
- सीमा पर शांति के लिए नए विश्वास-निर्माण उपाय
- सीमित सैनिक तैनाती में कमी लाने की संभावनाएं
- व्यापार संबंधों में सुधार और भारत-चीन फ्लाइट सेवाओं की बहाली
- कैलाश मानसरोवर यात्रा और वीज़ा प्रक्रिया फिर से शुरू करने के प्रयास
वांग यी मंगलवार शाम 5:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। यह बैठक विशेष महत्व रखती है क्योंकि पीएम मोदी जल्द ही चीन के तिआनजिन शहर में होने वाले SCO सम्मेलन में हिस्सा लेने जा रहे हैं।
इस दौरे को दोनों देशों के बीच संवाद की बहाली और संबंधों को सामान्य करने की दिशा में अहम कड़ी माना जा रहा है।
