अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भले ही भारत पर 50% टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन रूस की तरफ से आई बड़ी राहत ने ट्रंप की रणनीति को झटका दे दिया है। रूस ने भारत को कच्चे तेल पर मिलने वाली छूट को बढ़ाकर अब $3 से $4 प्रति बैरल कर दिया है। जुलाई में यह छूट महज $1 थी।
ये नई रियायती दरें सितंबर और अक्टूबर में भारत को भेजे जाने वाले तेल पर लागू होंगी। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और 2022 से रूस के साथ उसके तेल व्यापार में जबरदस्त उछाल आया है। जहां पहले सिर्फ 1% तेल रूस से आता था, अब यह हिस्सेदारी 40% तक पहुंच चुकी है। 2024-25 में भारत ने रोज़ाना 5.4 मिलियन बैरल तेल में से 36% सिर्फ रूस से खरीदा।
वाशिंगटन के बार-बार के आरोपों और टैरिफ के बावजूद भारत ने साफ कर दिया है कि उसका ऊर्जा व्यापार पूरी तरह वैध है। भारत पर रूस-यूक्रेन युद्ध में पक्ष लेने के आरोपों को भी उसने खारिज कर दिया है।
हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन में पीएम मोदी ने रूस को “विशेष मित्र” बताया और चीन से भी सकारात्मक चर्चा की। ऐसे में भारत की रणनीतिक मजबूती और रूस से बढ़ती साझेदारी ट्रंप के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है।
डॉनल्ड ट्रंप की बेचैनी और बढ़ेगी, रूस ने भारत के लिए और घटाई तेल की कीमत
