अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के बीच भारत और रूस ने अपने रक्षा सहयोग को और सशक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। मंगलवार को मॉस्को में भारतीय राजदूत विनय कुमार और रूस के उप रक्षा मंत्री कर्नल-जनरल अलेक्ज़ेंडर फोमिन के बीच हुई बैठक में यह सहमति बनी।
रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक “गर्मजोशी और दोस्ताना माहौल” में हुई, जो भारत-रूस संबंधों की विशेष पहचान है। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की और “विशेष व रणनीतिक साझेदारी” की भावना के तहत रिश्तों को और मज़बूत करने का संकल्प जताया।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर सख्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है। इसके बावजूद भारत ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह अपने रणनीतिक हितों के अनुसार स्वतंत्र विदेश नीति अपनाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और रूस के बीच दशकों पुराने रक्षा संबंधों में यह नई मजबूती, अमेरिका की दबाव की नीति के खिलाफ एक स्पष्ट संदेश है। दोनों देशों ने न केवल सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान पर बल दिया, बल्कि दीर्घकालिक रक्षा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई।
भारत ने फिर स्पष्ट कर दिया है कि उसकी प्राथमिकता उसके रणनीतिक साझेदार हैं – चाहे वह रूस हो या कोई और।
