तेलुगू अभिनेता विजय देवरकोंडा बुधवार को हैदराबाद स्थित प्रवर्तन निदेशालय (ED) के बसीराबाग रीजनल ऑफिस पहुंचे। वे अवैध ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स के प्रमोशन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए तलब किए गए थे।
यह मामला तेलंगाना पुलिस की कई FIRs पर आधारित है, जिनमें 29 सेलिब्रिटीज़—अभिनेता, टीवी सितारे और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स—के खिलाफ गैरकानूनी बेटिंग ऐप्स को बढ़ावा देने के आरोप हैं। ED को संदेह है कि इन प्रमोशन्स के ज़रिए अवैध सट्टेबाज़ी से हुई कमाई को वैध रूप में बदलने की कोशिश की गई।
विजय देवरकोंडा की टीम ने पहले ही स्पष्ट किया था कि उन्होंने किसी अवैध सट्टेबाज़ी ऐप का नहीं, बल्कि एक “कौशल-आधारित गेमिंग प्लेटफॉर्म” A23 का प्रमोशन किया था। टीम का दावा है कि यह प्रमोशन सिर्फ उन क्षेत्रों में किया गया था जहां ऐसे खेल कानूनी रूप से मान्य हैं, और उनका कॉन्ट्रैक्ट 2023 में ही समाप्त हो चुका है।
सुप्रीम कोर्ट की कई टिप्पणियों का हवाला देते हुए उनकी टीम ने कहा कि रम्मी जैसे कौशल-आधारित गेम्स को जुआ नहीं माना गया है।
इस केस में प्रकाश राज, राणा दग्गुबाती, मांचू लक्ष्मी, निधि अग्रवाल और प्रणिता सुभाष जैसे नाम भी शामिल हैं। ED इन सभी की वित्तीय लेन-देन और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
