उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने धाराली गांव में तबाही मचा दी है। मंगलवार दोपहर आई इस बाढ़ में गांव का लगभग आधा हिस्सा पानी और मलबे में बह गया। बुधवार को रेस्क्यू टीमों ने फिर से राहत और बचाव कार्य शुरू किया, जिसमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है।
धाराली गांव, जो गंगोत्री धाम की यात्रा का प्रमुख पड़ाव है, अब तबाही के निशानों से घिरा हुआ है। अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के लापता होने की आशंका है। मूसलधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और इलाका बेहद संवेदनशील बना हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हेलिकॉप्टर से प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया और स्थिति का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी भयावह बाढ़ उन्होंने पहले कभी नहीं देखी। सड़कें टूट गई हैं, बिजली गुल है और संचार व्यवस्था भी बाधित है। प्रशासन लगातार राहत सामग्री पहुंचाने की कोशिश में जुटा है।
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा फिलहाल टालें और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।
