प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने दो दिवसीय जापान दौरे की शुरुआत जापानी समकक्ष शिगेरु इशिबा को “अरिगातो गोज़ाइमासु” कहकर की — यह एक शिष्ट जापानी अभिवादन है, जिसका अर्थ है “बहुत धन्यवाद”।
यह मोदी का जापान का आठवां दौरा रहा, जिसमें उन्होंने 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में भाग लिया। दोनों देशों ने व्यापार, रक्षा, प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे में सहयोग को नई दिशा देने पर व्यापक चर्चा की। जापान ने भारत में अगले पांच वर्षों में 10 ट्रिलियन येन निवेश का वादा किया।
रक्षा क्षेत्र में संयुक्त सैन्य अभ्यास, तकनीकी साझेदारी और उत्पादन सहयोग को विस्तार देने पर सहमति बनी। साथ ही, QUAD के तहत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और स्थिरता को लेकर साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई।
बुलेट ट्रेन परियोजना (E10 शिंकानसेन) की प्रगति की समीक्षा की गई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर निर्माण और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
टोक्यो में भारतीय समुदाय ने वेद मंत्रों और गायत्री मंत्र के साथ मोदी का पारंपरिक स्वागत किया।
मोदी को ताकासाकी स्थित शोरीनज़ान दरुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी से एक पारंपरिक दरुमा डॉल भी भेंट में मिली, जो दृढ़ संकल्प और सफलता का प्रतीक मानी जाती है।
